Hajipur News : हाजीपुर में केवीके में संचालित डिप्लोमा इन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन सर्विसेज फॉर इनपुट डीलर्स (डीएईएसआई) प्रशिक्षण के तहत शुक्रवार को प्रशिक्षणार्थियों का शैक्षणिक एवं प्रायोगिक भ्रमण बीआरबीएन स्थित बीज प्रसंस्करण एवं भंडारण संयंत्र में कराया गया. भ्रमण का उद्देश्य प्रशिक्षणार्थियों को बीज प्रसंस्करण, गुणवत्ता परीक्षण, वैज्ञानिक भंडारण और आधुनिक मशीनों की कार्यप्रणाली की व्यावहारिक जानकारी देना था.
र्वैज्ञानिक तरीके से बीज सुखाने की प्रक्रिया को समझा
भ्रमण के दौरान प्रशिक्षणार्थियों ने सीड क्लीनर, ग्रेडर, स्पेसिफिक ग्रेविटी सेपरेटर, ड्रायर और मॉइस्चर मीटर जैसी आधुनिक मशीनों का प्रत्यक्ष प्रदर्शन देखा. उन्होंने बीज की सफाई, ग्रेडिंग, गुणवत्ता के आधार पर पृथक्करण, नमी की जांच और वैज्ञानिक तरीके से बीज सुखाने की प्रक्रिया को समझा.
बिहार राज्य बीज निगम लिमिटेड के प्लांट इंजीनियर रवि कुमार सिन्हा ने प्रशिक्षणार्थियों को बीज प्रसंस्करण की तकनीक, गुणवत्ता नियंत्रण और संयंत्र में इस्तेमाल होने वाली मशीनों की कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी दी. इसके बाद प्रशिक्षणार्थियों ने बीज गोदाम एवं भंडारण केंद्र का भी निरीक्षण किया, जहां विभिन्न जिलों से प्राप्त धान, मूंग, चना सहित अन्य फसलों के बीजों के वैज्ञानिक भंडारण और संरक्षण की व्यवस्था की जानकारी दी गई.
48 सप्ताह का है प्रशिक्षण
केवीके में संचालित डीएईएसआई प्रशिक्षण कार्यक्रम की कुल अवधि 48 सप्ताह है. इसमें 40 सप्ताह का कक्षा प्रशिक्षण और आठ सप्ताह का फील्ड एवं एक्सपोजर विजिट शामिल है. कार्यक्रम का उद्देश्य कृषि आदान विक्रेताओं को आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण देना है, ताकि वे किसानों को खाद, उर्वरक, कीटनाशी और अन्य कृषि आदानों के वैज्ञानिक उपयोग के संबंध में बेहतर सलाह दे सकें.
अगले बैच के लिए आवेदन शुरू
केवीके में डीएईएसआई का पहला बैच पिछले वर्ष नवंबर से संचालित है, जो अक्टूबर के अंत तक पूरा होगा. आगामी बैच के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. प्रशिक्षण शुल्क 28 हजार रुपये निर्धारित है. अगले बैच में कुल 40 सीटें हैं, जिनमें फिलहाल 20 सीटें रिक्त हैं. इच्छुक युवक-युवतियां 15 अगस्त तक केवीके में आवेदन कर सकते हैं. शुल्क का भुगतान एनईएफटी, फोनपे या डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से किया जा सकता है.
नया बैच अगस्त के अंतिम सप्ताह में शुरू होने की संभावना है. केवीके के प्रधान वैज्ञानिक अनिल कुमार सिंह के मार्गदर्शन में संचालित इस कार्यक्रम की कोर्स को-ऑर्डिनेटर वैज्ञानिक कुमारी नम्रता हैं. केवीके ने जिले के इच्छुक युवाओं से समय सीमा के भीतर आवेदन कर रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण का लाभ उठाने की अपील की है.
