hajipur news. मोटे अनाज की खेती समय की आवश्यकता : बीएओ

प्रखंड के इ-किसान भवन परिसर में शुक्रवार को आत्मा योजना के तहत खरीफ किसान गोष्ठी हुई

वैशाली. प्रखंड के इ-किसान भवन परिसर में शुक्रवार को आत्मा योजना के तहत खरीफ किसान गोष्ठी हुई. इस गोष्ठी का मुख्य उद्देश्य खरीफ मौसम में मक्का, मरुआ तथा अन्य मोटे अनाज की खेती का क्षेत्र विस्तार करना और किसानों को इसके लाभ के प्रति जागरूक करना रहा. गोष्ठी में उपस्थित प्रखंड कृषि पदाधिकारी देवनाथ चौधरी ने कहा कि मोटे अनाज की खेती समय की आवश्यकता है. यह न केवल किसानों की आय बढ़ाने में सहायक है, बल्कि पोषण सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. प्रखंड विकास पदाधिकारी अंजनी कुमार ने कहा की बदलते मौसम और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच मोटे अनाज की फसलें कम पानी और कठिन परिस्थितियों में भी सफलतापूर्वक उगाई जा सकती हैं. प्रखंड उद्यान पदाधिकारी विकास कुमार ने किसानों को तकनीकी जानकारी देते हुए बताया कि वैज्ञानिक पद्धति अपनाने से उत्पादन में दोगुना वृद्धि संभव है. उन्होंने किसानों से आधुनिक कृषि यंत्रों और जैविक विधियों का इस्तेमाल करने की अपील की. प्रगतिशील किसान सुनील कुमार सुमन ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि मोटे अनाज की खेती से न केवल परिवार की खाद्य जरूरतें पूरी होती हैं, बल्कि बाजार में भी इसकी अच्छी मांग है. इससे किसानों को अतिरिक्त आय का स्रोत मिलता है. उन्होंने युवाओं से भी इस क्षेत्र में जुड़ने का आह्वान किया.इस मौके पर प्रमुख प्रतिनिधि मनीष तिवारी, भाजपा नेता संतोष पासवान, लोजपा रा पार्टी के प्रखंड अध्यक्ष अनिल पासवान, कृषि समन्वयक एवं किसान सलाहकार सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे. गोष्ठी में किसानों को मोटे अनाज के बीज, खाद प्रबंधन, कीट नियंत्रण और विपणन से जुड़ी जानकारी भी दी गई.

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