Hajipur News : वैशाली में सीएम ने किया बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय का उद्घाटन

वैशाली गढ़ स्थित अभिषेक पुष्करणी के समीप 550 करोड़ रुपये की लागत से 72 एकड़ में निर्मित भव्य बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय का उद्घाटन मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया.

वैशाली. वैशाली गढ़ स्थित अभिषेक पुष्करणी के समीप 550 करोड़ रुपये की लागत से 72 एकड़ में निर्मित भव्य बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय का उद्घाटन मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया. मुख्यमंत्री दोपहर करीब 3.35 बजे वैशाली पहुंचे, जहां बौद्ध परंपरा के अनुसार उनका स्वागत किया गया. इसके बाद करीब 3.45 बजे उन्होंने संग्रहालय का विधिवत उद्घाटन किया. उद्घाटन समारोह के दौरान बौद्धिक मंत्रोच्चारण से संपूर्ण वातावरण आध्यात्मिक और पवित्र बन गया. मुख्यमंत्री ने संग्रहालय परिसर स्थित स्मृति स्तूप के प्रथम तल पर भगवान बुद्ध के पवित्र अस्थि अवशेष के अधिष्ठापन समारोह में भाग लिया. प्रमुख बौद्ध भिक्षुओं ने मंत्रोच्चारण के बीच नवकक्ष में अस्थि अवशेष को विधिपूर्वक और श्रद्धापूर्वक अधिष्ठापित किया. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूरे श्रद्धा भाव से पूजा समारोह में भाग लेते हुए भगवान बुद्ध को नमन किया. इस दौरान तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा का लिखित संदेश भी पढ़ा गया, जिसमें वैशाली की बौद्ध विरासत को सम्मान देने की बात कही गयी. कार्यक्रम में 15 देशों से आये प्रमुख बौद्ध भिक्षु और बौद्ध धर्मावलंबियों ने भाग लिया. उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि यह संग्रहालय वैशाली की ऐतिहासिकता, सांस्कृतिक परंपरा और बौद्ध विरासत का जीवंत प्रतीक है. यह संग्रहालय देश-विदेश के पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनेगा. नीतीश कुमार ने बताया कि वर्ष 2010 में जब वे वैशाली आये थे और चार दिन यहां ठहरे थे, तब उन्होंने मड स्तूप, अभिषेक पुष्करणी तालाब और अन्य बौद्ध स्थलों का निरीक्षण किया था. उस समय उन्हें जानकारी मिली कि मड स्तूप के नीचे खुदाई में प्राप्त भगवान बुद्ध के अस्थि अवशेष पटना संग्रहालय में रखे गये हैं. उसी समय यह विचार आया कि इन पवित्र अस्थि अवशेषों को वैशाली में ही संगृहीत किया जाये और इसके लिए एक स्तूप तथा संग्रहालय का निर्माण हो. उन्होंने कहा कि आज वह सपना साकार हो गया है. भगवान बुद्ध के अस्थिकलश को अब इस संग्रहालय में सम्मानपूर्वक स्थापित किया गया है. संग्रहालय में बुद्ध के जीवन, उनके उपदेशों, ध्यान, और महापरिनिर्वाण की घटनाओं को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है. यह संग्रहालय बिहार को अंतरराष्ट्रीय बौद्ध पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा. यह संग्रहालय बौद्ध सर्किट का एक अहम हिस्सा बनेगा और बिहार की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचायेगा. उद्घाटन समारोह के बाद मुख्यमंत्री शाम 4:20 बजे स्मृति स्तूप से निकलकर गेस्ट हाउस पहुंचे और निरीक्षण के बाद 4:30 बजे सड़क मार्ग से पटना के लिए रवाना हो गये. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, ऊर्जा एवं योजना मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, भवन निर्माण मंत्री जयंत राज, कला संस्कृति मंत्री मोतीलाल प्रसाद, विधायक सिद्धार्थ पटेल, जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा आदि उपस्थित थे.

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