Hajipur fake money: महुआ प्रखंड के गोविंदपुर पंचायत स्थित लक्ष्मीनारायणपुर गांव निवासी 70 वर्षीय किसान चंद्रदीप राय के बैंक खाते में 7 अरब 40 करोड़ 68 लाख 72 हजार 795 रुपये आने की चर्चा रविवार को पूरे इलाके में फैल गई. हालांकि, बाद में बैंक की जांच में यह दावा गलत निकला. शाखा प्रबंधक ने स्पष्ट किया कि खाते में जांच के दौरान केवल 2,238 रुपये ही मौजूद थे.
पेंशन निकालने पहुंचे थे वृद्ध किसान
जानकारी के अनुसार, चंद्रदीप राय सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि निकालने के लिए कदम चौक स्थित एक सीएसपी (कस्टमर सर्विस प्वाइंट) पहुंचे थे. आधार आधारित लेनदेन के दौरान कथित रूप से सीएसपी के सिस्टम में खाते में अरबों रुपये की राशि दिखाई दी. यह जानकारी मिलते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया. बताया गया कि चंद्रदीप राय ने अधिक राशि लेने से इनकार करते हुए केवल अपनी पेंशन की राशि निकालने की बात कही. उनकी ईमानदारी की चर्चा भी इलाके में होने लगी.
बीडीओ ने कराई जानकारी, पंचायत सचिव को भेजा
मामले की जानकारी मिलने के बाद महुआ के प्रखंड विकास पदाधिकारी सौरभ कुमार वर्णवाल ने इसे गंभीरता से लिया और पंचायत सचिव को मौके पर भेजकर जानकारी प्राप्त करने का निर्देश दिया. घटना की खबर फैलते ही ग्रामीणों और मीडिया कर्मियों की भीड़ भी वृद्ध के घर पहुंच गई.
बैंक प्रबंधक ने बताया- खाते में नहीं थे अरबों रुपये
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की हरपुर बेलवा शाखा के प्रबंधक लोकेनाथ सिंह ने बताया कि बैंक रिकॉर्ड के अनुसार 10 जुलाई को खाते में 1,138 रुपये थे, जिसमें से लाभुक ने 1,100 रुपये की निकासी की. उन्होंने बताया कि उसी दिन खाते में 2,200 रुपये जमा हुए थे. 13 जुलाई को जांच के दौरान खाते में कुल 2,238 रुपये पाए गए.
शाखा प्रबंधक ने कहा कि खाते में अरबों रुपये दिखने की सूचना की उन्हें कोई जानकारी नहीं है और बैंक रिकॉर्ड में ऐसी कोई राशि दर्ज नहीं है. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि सीएसपी में इतनी बड़ी राशि क्यों दिखाई दी. बैंक स्तर पर मामले की जांच की जा रही है.
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