Bihar News: (कैफ अहमद) हाजीपुर समेत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में शनिवार को वट सावित्री व्रत श्रद्धा, विश्वास और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया. सुबह से ही शादीशुदा महिलाएं पारंपरिक परिधान और श्रृंगार कर पूजा-अर्चना के लिए घरों से निकलीं. शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के मंदिरों और वट वृक्ष (बरगद) के आसपास महिलाओं की भीड़ देखने को मिली. महिलाओं ने विधि-विधान के साथ वट वृक्ष की पूजा की और अपने पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि तथा परिवार की खुशहाली की कामना की.
कई स्थानों पर उमड़ी महिलाओं की भीड़
शहर के बाजार समिति, यादव चौक, मीनापुर, शाही कॉलोनी, दिग्घी सहित कई क्षेत्रों में वट वृक्ष के पास पूजा-अर्चना की गई. महिलाओं ने वट वृक्ष की परिक्रमा कर कच्चा धागा बांधा और पूजा सामग्री अर्पित की. पूजन के दौरान फल, फूल, मिठाई, भीगा चना, पंखा तथा अन्य पारंपरिक सामग्री चढ़ाई गई. कई स्थानों पर महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजा की और धार्मिक परंपराओं का पालन किया.
सावित्री-सत्यवान की कथा सुनने की रही परंपरा
वट सावित्री पूजा के अवसर पर कई जगह महिलाओं ने समूह बनाकर सावित्री और सत्यवान की कथा सुनी. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माता सावित्री ने अपने तप, समर्पण और दृढ़ संकल्प के बल पर यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस प्राप्त किए थे. इसी मान्यता के कारण यह व्रत पति की लंबी आयु और अखंड सौभाग्य के लिए विशेष महत्व रखता है.
वट वृक्ष की पूजा का धार्मिक महत्व
पंडितों के अनुसार वट वृक्ष को दीर्घायु और जीवनदायी माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक वट वृक्ष में ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास माना गया है. मान्यता है कि वट सावित्री व्रत करने से परिवार में सुख-शांति, समृद्धि और वैवाहिक जीवन में मजबूती आती है. इस अवसर पर महिलाओं ने पारंपरिक गीत भी गाए और परिवार के सुखद भविष्य की कामना की.
पूजा स्थलों पर दिखी उत्साहपूर्ण माहौल
पूजा स्थलों पर महिलाओं के बीच धार्मिक उत्साह और आस्था का माहौल देखने को मिला. पारंपरिक वेशभूषा और पूजा की तैयारियों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। दिनभर जिले के विभिन्न इलाकों में वट सावित्री व्रत की रौनक बनी रही.
