Hajipur Anganwadi Centre : हाजीपुर में भवनहीन आंगनबाड़ी केंद्रों को स्थायी और बेहतर बनाने की दिशा में प्रशासन ने प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया है. जिले में करीब 300 आंगनबाड़ी केंद्रों को विद्यालय परिसरों में शिफ्ट किया जाएगा. इसके लिए उपयुक्त भूमि की पहचान, नए भवन निर्माण और स्कूल परिसरों में स्थानांतरण की प्रक्रिया की समीक्षा की गई. अधिकारियों को सभी काम समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया गया है.
300 आंगनबाड़ी केंद्र स्कूल परिसरों में होंगे शिफ्ट
जिले में करीब 300 आंगनबाड़ी केंद्रों को विद्यालय परिसरों में स्थानांतरित करने की योजना है. ऐसे केंद्रों की पहचान की जाएगी, जिन्हें स्कूल परिसर में संचालित किया जा सकता है. इसके बाद प्राथमिकता के आधार पर इन केंद्रों को शिफ्ट किया जाएगा.
भवनहीन केंद्रों के लिए जल्द मिलेगी जमीन
जिन आंगनबाड़ी केंद्रों के पास अपना भवन नहीं है, उनके लिए उपयुक्त जमीन की उपलब्धता और चिन्हांकन का काम जल्द पूरा करने का निर्देश दिया गया है. जमीन मिलने के बाद नए भवन के निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
बच्चों को एक ही परिसर में मिलेंगी कई सुविधाएं
स्कूल परिसर में आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन से बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा और पोषण संबंधी सेवाएं एक ही जगह मिल सकेंगी. इससे सेवाओं को अधिक व्यवस्थित तरीके से उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है.
नामांकन और नियमित उपस्थिति बढ़ाने पर जोर
प्रशासन का मानना है कि बेहतर और अनुकूल वातावरण मिलने से आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के नामांकन और नियमित उपस्थिति को बढ़ावा मिल सकता है. इससे प्रारंभिक शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार की संभावना है.
गर्भवती और धात्री महिलाओं को भी मिलेगा लाभ
आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से गर्भवती और धात्री महिलाओं को विभिन्न सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं. केंद्रों के बेहतर और व्यवस्थित संचालन से इन सेवाओं का लाभ जरूरतमंद महिलाओं तक अधिक प्रभावी तरीके से पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा.
शिक्षा और बाल विकास विभाग में बेहतर समन्वय
आंगनबाड़ी केंद्रों की स्कूल परिसरों में शिफ्टिंग के लिए शिक्षा विभाग और बाल विकास परियोजना से जुड़े अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय का निर्देश दिया गया है. दोनों विभागों को केंद्रों की पहचान और स्थानांतरण की प्रक्रिया में आपसी तालमेल के साथ काम करना होगा.
समयबद्ध तरीके से पूरा होगा काम
जिला पदाधिकारी ने भूमि चिन्हांकन, भवन निर्माण और केंद्रों की शिफ्टिंग की प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया है. अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि काम में अनावश्यक देरी नहीं हो और हर स्तर पर इसकी नियमित समीक्षा की जाए.
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