hajipur news. अंतिम दिन 192 महिला अभ्यर्थी गृहरक्षक शारीरिक दक्षता परीक्षा में हुईं शामिल

पुलिस लाइन में 19 मई से चल रही गृहरक्षकों की शारीरिक दक्षता परीक्षा शुक्रवार को संपन्न हो गयी, परीक्षा बिना किसी विघ्न-बाधा, आरोप, अफवाह या तकनीकि खराबी के पूर्व निर्धारित कार्यकम के अनुरूप शांतिपूर्वक हुयी

हाजीपुर. स्थानीय पुलिस लाइन में 19 मई से चल रही गृहरक्षकों की शारीरिक दक्षता परीक्षा शुक्रवार को संपन्न हो गई. परीक्षा के अंतिम दिन 192 महिला अभ्यर्थियों की दौड़ हुई. यह शारीरिक दक्षता परीक्षा बिना किसी विघ्न-बाधा, आरोप, अफवाह या तकनीकि खराबी के पूर्व निर्धारित कार्यकम के अनुरूप शांतिपूर्वक सम्पन्न हुई.

इस संबंध में गृहरक्षा वाहिनी के जिला समादेष्टा प्रेमचंद ने बताया कि लगभग 20 कार्यदिवस तक चले इस बहाली अभियान में 26 हजार 130 अभ्यर्थियों को परीक्षा के लिए बुलाया गया था, जिसमें 14 हजार 403 पुरुष अभ्यर्थी एवं 3 हजार 118 महिला अभ्यर्थी शारीरिक दक्षता परीक्षा में सम्मिलित हुए. प्रतिदिन औसतन 950 से 1000 अभ्यर्थी उपस्थित होकर दौड़ एवं अन्य शारीरिक दक्षता परीक्षा में शामिल हो रहे थे.

जिला समादेष्टा एवं चयन समिति के सदस्य सचिव प्रेम चन्द की अगुवाई में चल रहे इस दक्षता परीक्षा को सम्पन्न कराने के लिए लगभग 300 पदाधिकारी एवं कर्मी प्रत्येक दिन सुबह 03:30 बजे पुलिस केंद्र पहुंच कर अभ्यर्थियों का निबंधन शुरु कर देते थे. इसी कर नतीजा था कि सूर्योदय से पहले ही प्रत्येक दिन 600 अभ्यर्थियों की दौड़ संपन्न करा लिया जाता था. औसतन प्रत्येक दिन 1000 अभ्यर्थियों की दौड़ प्रकिया पूर्णतः आटोमेटिक आरएफआईडी तकनीक से 07:00 बजे तक समाप्त करा दी जाती थी. पुरुष अभ्यर्थियों को पुलिस केंद्र में बने 400 मीटर के धवन पथ का चार चक्कर लगाना होता था. प्रत्येक चक्कर के दौरान आरएफआईडी सेन्सर से निकलती बीप की ध्वनि अभ्यर्थियों के बीच पारदर्शिता एवं विश्वास की ध्वनि बनकर बजती थी. दौड़ के तुरंत बाद अभ्यर्थियों को उनका परिणाम बताकर उनसे हस्ताक्षर मजिस्ट्रेट के माध्यम से करा लिया जाता था.

दौड़ में सफल अभ्यर्थियों को पूर्णतः आटोमेटेड पीएसटी के माध्यम से लंबाई माप की जाती थी. मशीन द्वारा प्रदर्शित डाटा को सर्वर में स्टोर कर लिया जाता था. पूरी बहाली प्रकिया में मानवीय हस्तक्षेप नगण्य थी, ताकि किसी प्रकार का आक्षेप नहीं लगे एवं बहाली प्रकिया को पूर्णतः पारदर्शी रखा जा सके. पूर्व से की गयी तैयारी के फलस्वरुप ही 1001 महिलाओं की भी परीक्षा सूर्यास्त के पहले सम्पन्न कराई जा सकी.

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By Shashi Kant Kumar

Shashi Kant Kumar is a contributor at Prabhat Khabar.

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