Hajipur News: (कैफ अहमद) वैशाली जिले में भारतीय ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है. ज्ञान भारतम् मिशन के तहत पातेपुर प्रखंड स्थित पातेपुर मठ से 100 वर्ष से अधिक पुरानी 52 दुर्लभ पांडुलिपियां और ग्रंथ प्राप्त हुए हैं. इन पांडुलिपियों में धार्मिक, आध्यात्मिक, दार्शनिक तथा पारंपरिक ज्ञान से संबंधित महत्वपूर्ण सामग्री संकलित है, जिन्हें भारतीय सांस्कृतिक धरोहर का अमूल्य हिस्सा माना जा रहा है.
ज्ञान भारतम् मिशन के तहत चलाया जा रहा विशेष अभियान
भारत सरकार के ज्ञान भारतम् मिशन के अंतर्गत प्राचीन पांडुलिपियों, ग्रंथों और ऐतिहासिक अभिलेखों के संरक्षण एवं डिजिटलीकरण के लिए जिला प्रशासन द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है. इसी अभियान के दौरान पातेपुर मठ में सुरक्षित रखी गई इन दुर्लभ पांडुलिपियों की पहचान कर उन्हें सूचीबद्ध किया गया.
मठ के महंत को किया गया सम्मानित
दुर्लभ ग्रंथों की प्राप्ति के बाद जिला प्रशासन ने पातेपुर मठ के महंत को प्रशस्ति-पत्र और शॉल देकर सम्मानित किया. साथ ही प्राप्त पांडुलिपियों के सूचीकरण, अभिलेखीकरण, डिजिटलीकरण और सुरक्षित संरक्षण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इस अमूल्य ज्ञान-संपदा का लाभ उठा सकें.
सांस्कृतिक विरासत को सहेजने में मिलेगी नई मजबूती
जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने कहा कि पातेपुर मठ से प्राप्त ये दुर्लभ पांडुलिपियां वैशाली की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. इनके संरक्षण और डिजिटलीकरण से भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा को सहेजने और भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने में बड़ी मदद मिलेगी.
लोगों से भी की गई सहयोग की अपील
जिलाधिकारी ने जिले के लोगों से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति, परिवार, मठ, मंदिर या अन्य संस्थान के पास प्राचीन पांडुलिपियां, ग्रंथ, दस्तावेज या ऐतिहासिक अभिलेख सुरक्षित हैं, तो उनकी जानकारी जिला प्रशासन को उपलब्ध कराएं. इससे इन अमूल्य धरोहरों के संरक्षण और डिजिटलीकरण का कार्य और व्यापक रूप से किया जा सकेगा.
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