Gopalganj News : बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के बंगरा पंचायत के पंशाला बंगरा गांव में प्रेमिका से मिलने देर रात पहुंचे युवक को ग्रामीणों ने पकड़ लिया. मामले की जानकारी के बाद बुधवार की सुबह गांव में पंचायत बुलायी गयी. पंचायत में दोनों से उनकी इच्छा पूछी गयी, तो उन्होंने अपनी मर्जी से शादी करने की सहमति जतायी. इसके बाद ग्रामीणों और दोनों परिवारों की सहमति से बिना बैंड-बाजा और बरात के गांव के काली मंदिर में दोनों की शादी करा दी गयी.
देर रात प्रेमिका से मिलने पहुंचा था युवक
युवक की पहचान हेमूछपरा गांव निवासी हरेंद्र दास के पुत्र रूपेश कुमार के रूप में हुई है. वहीं, युवती बंगरा गांव निवासी विसुंदेव दास की पुत्री अमृता कुमारी बतायी गयी है. बताया जाता है कि अमृता के घर से करीब 200 मीटर उत्तर दिशा में रूपेश कुमार बाइक गैरेज चलाता है. इसी दौरान दोनों के बीच जान-पहचान हुई और धीरे-धीरे यह संबंध प्रेम में बदल गया.
ग्रामीणों को भनक लगी तो युवक को पकड़ लिया
मंगलवार की देर रात रूपेश कुमार अपनी प्रेमिका अमृता से मिलने उसके घर पहुंचा था. इसी दौरान ग्रामीणों को इसकी जानकारी हो गयी. लोगों ने युवक को पकड़ लिया और मामले की जानकारी गांव के अन्य लोगों को दी. इसके बाद बुधवार की सुबह पूरे मामले को लेकर पंचायत बुलाने का फैसला लिया गया.
पंचायत में दोनों की इच्छा पूछी गयी
पंचायत में सरपंच पति शंभू शर्मा, उपमुखिया पति गुड्डू सिंह और वार्ड सदस्य संजय साह समेत ग्रामीण मौजूद थे. दोनों पक्षों के लोगों की मौजूदगी में युवक और युवती से उनकी इच्छा के बारे में पूछा गया. दोनों ने अपनी मर्जी से शादी करने की सहमति जतायी.
काली मंदिर में ग्रामीणों की मौजूदगी में हुई शादी
दोनों की सहमति के बाद ग्रामीणों और परिवार के सदस्यों की रजामंदी से गांव के समीप स्थित काली मंदिर में विवाह कराया गया. शादी में न कोई मुहूर्त तय हुआ, न बैंड-बाजा और न ही बरात निकली. मां काली को साक्षी मानकर दोनों ने विवाह किया. शादी के बाद यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना रहा.
