gopalganj news : फुलवरिया. महाराष्ट्र के नागपुर में हुए औद्योगिक हादसे में बिहार के फुलवरिया प्रखंड निवासी एक युवक की मौत हो गयी. इससे परिजनों में कोहराम मच गया है.
यह घटना नागपुर के बुटीबोरी पुलिस स्टेशन के नवीन एमआइडीसी क्षेत्र स्थित अवदा इलेक्ट्रो प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के सौर पैनल निर्माण कारखाने में हुई. यहां पानी की टंकी फटकर गिर गयी, जिससे छह मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गयी, जबकि करीब एक दर्जन मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गये. मृतकों में एक की पहचान फुलवरिया प्रखंड के चुरामन चक गांव निवासी मोहम्मद हसमत अंसारी के 25 वर्षीय पुत्र मो सलीम अंसारी के रूप में की गयी है. सलीम की मौत की खबर मिलते ही गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया. बताया गया कि मोहम्मद सलीम अंसारी करीब दो महीने पहले रोजगार की तलाश में घर से मुंबई गया था. वहां से कंपनी ने उसे नागपुर भेज दिया, जहां हादसा हो गया.नया साल साथ मनाने का किया था वादा, उजड़ गयी सहाना की दुनिया
सलीम की शादी महज छह महीने पहले ही सहाना खातून से हुई थी. पति की मौत की खबर मिलते ही पत्नी सहाना खातून बार-बार बेहोश हो जा रही है. रोते हुए उसने कहा ””””मेरी पूरी दुनिया ही उजड़ गई””””. वहीं, बेटे की मौत से पिता मोहम्मद हसमत अंसारी, मां फातिमा खातून, इकलौती बहन शहनाज बेगम और अन्य दो भाइयों का भी रो-रोकर बुरा हाल है. परिजनों ने बताया कि सलीम घर से जाते समय पत्नी से यह वादा करके गया था कि नये साल का जश्न वह घर आकर साथ में मनायेगा, लेकिन नये वर्ष के आने से पहले ही उसकी मौत ने परिवार की खुशियां छीन लीं.परिवार का छीन गयी खुशियां, मातम में डूबे
सलीम तीन भाइयों में सबसे छोटा था. मो सलीम अंसारी को गांव के लोग एक मिलनसार और मेहनती युवक के रूप में याद कर रहे हैं. उसकी असमय मौत ने न सिर्फ परिवार, बल्कि पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है. घटना के बाद से चुरामन चक गांव में शोक व्याप्त है.नागपुर हादसे में जिंदगी के लिए मौत से जूझ रहे राजपुर के दो मजदूर
पंचदेवरी. नागपुर में टंकी के फटने की घटना में कटेया थाना क्षेत्र के राजपुर गांव के नईम अंसारी के पुत्र इबरॉन अंसारी (18 वर्ष) व शहनवाज हुसैन का पुत्र जाकीर हुसैन गंभीर रूप से घायल है. वे फिलहाल जीवन के लिए मौत से जूझ रहे हैं. इधर, घटना की सूचना मिलने के साथ ही परिवार के लोगों में मायूसी है. पल-पल की खबर पर नजर रखी जा रही है. इबरॉन अंसारी महज एक माह पूर्व नागपुर गये थे. वे वेल्डर का काम करते थे. पहली बार घर से कमाने के लिए निकला था. जबकि, जाकीर हुसैन फीटर का काम करते थे. छह माह से वहां काम करते थे, जहां हादसे का शिकार होकर अस्पताल पहुंच गये. परिवार के लोग उसे इलाज कराने के लिए पहुंच गये. टंकी के ब्लास्ट होने के बाद उन्हें अस्पताल में होश आया.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
