यूरिया को लेकर हाहाकार, बिस्कोमान बंद होने से बढ़ी किसानों की परेशानी, शिकायत पर प्रशासन ने गठित की जांच टीम

फुलवरिया. प्रखंड के मजिरवा कला बाजार स्थित बिस्कोमान सहकारिता केंद्र के बंद होने से किसानों के सामने यूरिया की गंभीर किल्लत पैदा हो गयी है.

फुलवरिया. प्रखंड के मजिरवा कला बाजार स्थित बिस्कोमान सहकारिता केंद्र के बंद होने से किसानों के सामने यूरिया की गंभीर किल्लत पैदा हो गयी है. यह केंद्र 12 पंचायतों के हजारों किसानों को निर्धारित दर पर यूरिया और अन्य उर्वरक उपलब्ध कराता था. अब इसकी सुविधा बंद होने से किसान बाजारों में ऊंचे दाम पर खाद खरीदने को मजबूर हैं. इस वर्ष माॅनसून की बेरुखी और अनियमित बारिश ने पहले ही खेती की स्थिति बिगाड़ दी है. हाल ही में हुई आंशिक वर्षा से किसानों को कुछ उम्मीद जगी, लेकिन यूरिया नहीं मिलने से उनकी परेशानी और बढ़ गयी है. किसानों का कहना है कि खुदरा दुकानदारों द्वारा निर्धारित मूल्य से काफी अधिक कीमत पर यूरिया बेची जा रही है. खाद की कमी का लाभ उठाकर दुकानदार मनमानी कर रहे हैं, जिससे गरीब और छोटे किसान सबसे ज्यादा प्रभावित हैं. इसको लेकर किसानों में भारी आक्रोश है. कई किसान बिचौलियों से ऊंचे दामों में यूरिया खरीदने को मजबूर हो रहे हैं. फुलवरिया के विभिन्न बाजारों में स्थिति बदतर होती जा रही है. इस संबंध में जब फुलवरिया प्रखंड के प्रभारी कृषि पदाधिकारी ओम प्रकाश यादव से बात की गयी, तो उन्होंने बताया कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच टीम बनायी गयी है. यह टीम खुदरा दुकानों की जांच कर रही है और दोषी पाये जाने पर संबंधित दुकानदारों पर सख्त कार्रवाई की जायेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Awedhesh kumar raja

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >