Gopalganj News : उत्तर प्रदेश और बिहार को जोड़ने वाली महत्वाकांक्षी एनएच-727बी परियोजना के निर्माण में दोनों राज्यों की अलग-अलग तस्वीर सामने आ रही है. उत्तर प्रदेश की सीमा में सड़क और ओवरब्रिज का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है, जबकि बिहार की ओर यह परियोजना अब भी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में उलझी हुई है.
यूपी में निर्माण पूरा, बिहार में काम शुरू होने का इंतजार
उत्तर प्रदेश की ओर चमचमाती सड़क और तैयार ओवरब्रिज के विपरीत बिहार के मलचौर क्षेत्र में ओवरब्रिज को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग अब भी बदहाल स्थिति में है. यहां खेतों में पीले पिलर लगाकर भूमि का चिह्नीकरण तो कर दिया गया है, लेकिन अब तक वास्तविक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है. इससे स्थानीय लोगों की उम्मीदें अधूरी रह गई हैं.
बदहाल संपर्क मार्ग से किसानों और ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी
कच्चे संपर्क मार्ग की मिट्टी कट जाने से जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं. बारिश के मौसम में सड़क पर जलभराव और कीचड़ होने से दोपहिया वाहनों का आवागमन भी जोखिम भरा हो गया है. किसानों को खेतों तक ट्रैक्टर और कृषि यंत्र ले जाने तथा फसल की ढुलाई में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.
ग्रामीणों ने निर्माण में तेजी लाने की उठाई मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि एक ही राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना में दोनों राज्यों के बीच विकास का इतना बड़ा अंतर निराशाजनक है. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि स्थायी निर्माण शुरू होने तक संपर्क मार्ग की तत्काल मरम्मत कराई जाए. साथ ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाकर बिहार क्षेत्र में एनएच-727बी का निर्माण जल्द पूरा कराया जाए, ताकि दोनों राज्यों के लोगों को इस परियोजना का पूरा लाभ मिल सके.
