gopalganj news : विजयीपुर में दरिंदगी के बाद बच्चे की हत्या में दो गिरफ्तार

gopalganj news : चाचा के बयान पर चार के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्जआरोपित अंकित और उसके पिता बबन गोंड गिरफ्तार

विजयीपुर. विजयीपुर थाना क्षेत्र के पीपरा गांव में छह वर्षीय मासूम के साथ हुई हैवानियत के बाद इलाज के दौरान मौत हो गयी. इस घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया है.

पुलिस ने आरोपित अंकित कुमार और उसके पिता बबन गोंड को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. वहीं, मृतक के चाचा पंकज कुमार शर्मा के बयान पर अंकित कुमार, बबन गोंड, महंत गोंड और विशाल गोंड के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत संगीन धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गयी है.

प्राइवेट पार्ट में बांस का डंडा डालने का आरोप

बच्चे के चाचा पंकज कुमार के बयान के अनुसार मृतक के प्राइवेट पार्ट में आरोपितों ने बांस का डंडा डाल दिया था, जो अंदर ही टूट कर फंस गया था. पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टरों ने उसे बाहर निकाला. इससे मासूम की स्थिति और गंभीर हो गयी थी. आरोपितों ने पहले उसके साथ दरिंदगी की फिर हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं. मृतक के चाचा के अनुसार बच्चे की गर्दन पर भी चोट लगी थी. बच्चा जब दरवाजे पर मिला, तो लहूलुहान था.

घर से निकला मासूम, दरवाजे पर मिला लहूलुहान

मृतक के चाचा ने पुलिस को बताया कि एक सितंबर की शाम सात बजे बच्चा घर से निकला और करीब एक घंटे तक वापस नहीं लौटा. परिजन उसकी तलाश में जुटे ही थे कि कुछ देर बाद आरोपित बच्चे को लेकर उसके घर के सामने फेंककर फरार हो गये. खून से लथपथ मासूम को परिजन पहले सीएचसी विजयीपुर ले गये. वहां से उसे देवरिया और फिर गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया. इलाज के दौरान बुधवार की सुबह उसकी मौत हो गयी.

मासूम का परिवार टूटा, हर तरफ गम का माहौल

पीड़ित मासूम अपने मां-बाप का इकलौता संतान था. उसकी मां की मौत दो साल पहले हो चुकी है. पिता बेंगलुरु में नौकरी करते हैं और अभी तक गांव नहीं लौट पाये हैं. मासूम अपने चाचा और दादी के साथ गांव में रहता था. घटना के बाद से पूरे परिवार में कोहराम मचा है. परिजन सदमे में हैं.

घटना से गांव में आक्रोश और सन्नाटा

घटना के बाद आरोपित पक्ष के घर में ताला बंद है और परिवार के लोग फरार हैं. आरोपित का घर बच्चे के घर के पीछे है और जाने का रास्ता भी उसी के दरवाजे से होकर जाता है. गांव में इस घटना को लेकर आक्रोश और दहशत का माहौल है. लोग गली-गली इस हैवानियत की चर्चा कर रहे हैं. ग्रामीणों ने कहा कि ऐसी घटना ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है.

ग्रामीणों ने कहा-दोषियों को मिले फांसी

यह घटना एक बार फिर कानून-व्यवस्था और समाज की संवेदनशीलता पर सवाल खड़ा करती है. आखिर क्यों बार-बार मासूम बच्चे इस तरह की हैवानियत का शिकार हो रहे हैं? पॉक्सो एक्ट और कड़े कानूनों के बावजूद अपराधियों के हौसले इतने बुलंद क्यों हैं? ग्रामीणों का कहना है कि दोषियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए, तभी अपराधियों में डर पैदा होगा.

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By SHAILESH KUMAR

SHAILESH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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