gopalganj news : साहु जैन रेलवे ढाला से हथुआ मोड़ तक रेंगती रहीं गाड़ियां, धूप में छटपटाये लोग

gopalganj news : मीरगंज में जाम छुड़ाने के लिए पुलिस को करनी पड़ी मशक्कतनो-इंट्री के बावजूद शहर में बड़ी गाड़ियों की आवाजाही से हालात बिगड़े

उचकागांव. मीरगंज शहर में शनिवार को भीषण जाम से हालात बेकाबू हो गये. दोपहर करीब 12 बजे साहु जैन रेलवे ढाला खुलने के साथ ही अचानक वाहनों का दबाव बढ़ा और देखते ही देखते साहु जैन ढाला से हथुआ मोड़ तक गाड़ियों की लंबी कतार लग गयी.

घंटों तक गाड़ियां रेंगती रहीं. इस दौरान बाइक चालक, साइकिल सवार और पैदल चलने वाले लोग भी चिलचिलाती धूप में परेशान होकर छटपटाते नजर आये. राहगीरों में कई बार आपस में कहासुनी और धक्का-मुक्की तक की नौबत आ गयी. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल को साहु जैन रेलवे ढाला, राजमंगल मिश्रा चौक, मरछिया देवी चौक और हथुआ मोड़ पर तैनात किया गया था. इसके बावजूद जाम की स्थिति बनी रही. बाद में मीरगंज थानाध्यक्ष दुर्गानंद मिश्र के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस बल को भी शहर की मुख्य सड़कों पर लगाया गया. पुलिस ने कार, बाइक, ठेला और ट्रक समेत फंसे वाहनों को धीरे-धीरे साइड कराया और आवागमन को बहाल किया.

वाहन चालकों की मनमानी से समस्या बन रही गंभीर

शहर में पहले से ही सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक बड़ी गाड़ियों के प्रवेश पर प्रशासनिक रोक (नो इंट्री) है. इसके लिए नरैनिया के पास डायवर्सन प्वाइंट भी बनाया गया है. लेकिन इसके बावजूद भोरे, विजयीपुर, कटेया और अन्य मार्गों से आने वाली बड़ी गाड़ियां शहर के बीच से ही गुजरती हैं. उचकागांव, बथुआ बाजार और पंचदेवरी से आने वाली गाड़ियां भी मरछिया देवी चौक होकर सीवान की ओर जाती हैं. यही वजह है कि मीरगंज में आये दिन जाम की समस्या बनी रहती है.

समस्या के समाधान को सख्त कदम उठाने की जरूरत

स्थानीय लोगों और प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि मीरगंज को जाम से मुक्त कराने के लिए सख्त कदम उठाने होंगे. दशहरा मेला और अन्य अवसरों पर भी यही स्थिति बनती है. ऐसे में आवश्यकता है कि भोरे, विजयीपुर और कटेया से आकर गोपालगंज जाने वाली बड़ी गाड़ियों को नरैनिया मार्ग से डायवर्ट किया जाये. बथुआ बाजार, पंचदेवरी और समऊर से आने वाली गाड़ियों को साहु जैन रेलवे ढाला की ओर भेजा जाये. शहर में प्रवेश कर बथुआ बाजार की ओर जाने वाली गाड़ियों को वीके टाइल्स वाले मीरगंज बाइपास से ले जाया जाये. भोरे की ओर जाने वाली गाड़ियों को नरैनिया ढाला से मरछिया देवी चौक व हथुआ मोड़ की ओर निकाला जाये. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन नो-इंट्री के नियम का कड़ाई से पालन कराये और गाड़ियों को वैकल्पिक मार्ग से गुजारे, तो मीरगंज शहर को जाम से राहत मिल सकती है.

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Published by: Shailesh kumar

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