गोपालगंज में फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्र के सहारे नौकरी पाने वाले तीन शिक्षकों पर गिरी गाज, 15 दिनों में सेवा से हटाने का आदेश

Gopalganj News: गोपालगंज में फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्रों के आधार पर शिक्षक की नौकरी करने वाले तीन शिक्षकों पर शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई की है. निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की जांच रिपोर्ट के बाद उन्हें 15 दिनों के भीतर सेवा से मुक्त करने का आदेश दिया गया है. इस मामले में अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी.

Gopalganj News: गोपालगंज में फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्र के आधार पर शिक्षक की नौकरी पाने के मामले में शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है. निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (विजिलेंस), पटना की जांच में तीन शिक्षकों के साहित्यालंकार के अंकपत्र फर्जी और कूटरचित पाए जाने के बाद जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) सह नोडल पदाधिकारी, निगरानी कोषांग विनय कुमार सुमन ने संबंधित नियोजन इकाइयों को उन्हें सेवा से मुक्त करने का आदेश दिया है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी.

इन शिक्षकों के प्रमाणपत्र में मिली गड़बड़ी

शिक्षा विभाग की ओर से जारी पत्र के अनुसार, गोपालपुर और विशंभरपुर थाने में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर कार्रवाई शुरू की गई है. जांच में कुचायकोट प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय चेरोटोला के शिक्षक संजय कुमार, उत्क्रमित मध्य विद्यालय फुलवरिया के शिक्षक छविनाथ राय तथा उत्क्रमित मध्य विद्यालय भोजछापर के शिक्षक धर्मनाथ प्रसाद के शैक्षणिक प्रमाणपत्रों में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं.

जांच में फर्जी और कूटरचित मिले अंकपत्र

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार, संजय कुमार का साहित्यालंकार का अंकपत्र पूरी तरह फर्जी पाया गया है. वहीं छविनाथ राय और धर्मनाथ प्रसाद के साहित्यालंकार के अंकपत्र कूटरचित पाए गए हैं. आरोप है कि तीनों शिक्षकों ने इन्हीं प्रमाणपत्रों के आधार पर शिक्षक पद पर नियोजन प्राप्त किया था. इसके बाद निगरानी ब्यूरो ने संबंधित मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर शिक्षा विभाग को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया.

15 दिनों के भीतर सेवा से हटाने का निर्देश

स्थापना डीपीओ ने कुचायकोट के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ), संबंधित पंचायत सचिवों और नियोजन इकाइयों को निर्देश दिया है कि नियमानुसार प्रक्रिया पूरी करते हुए 15 दिनों के भीतर तीनों शिक्षकों को सेवा से मुक्त करें और कार्रवाई की रिपोर्ट उपलब्ध कराएं. यह रिपोर्ट निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना को भेजी जाएगी.

लापरवाही पर अधिकारियों पर भी होगी कार्रवाई

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित अवधि के भीतर शिक्षकों को सेवा से मुक्त नहीं किया गया और इससे सरकारी राशि की क्षति होती है, तो संबंधित अधिकारी इसके लिए सीधे जिम्मेदार होंगे. ऐसे अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई के लिए सक्षम प्राधिकार को प्रतिवेदन भेजा जाएगा.

संबंधित अधिकारियों को भेजी गई आदेश की प्रति

विभाग ने इस आदेश की प्रति संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों, प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ), प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) तथा जिला पदाधिकारी (डीएम) को भी भेजी है. वहीं कुचायकोट के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को 24 घंटे के भीतर सभी संबंधित पक्षों को आदेश की तामिला सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया है.

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Author: Prabhat khabar news desk

Published by: Vivek Ranjan

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