ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दुनिया ने देखा भारत का शौर्य : मनन मिश्र

गोपालगंज. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दुनिया ने भारत के शौर्य को देखा है. यह आज का भारत है. हम छेड़ते नहीं, कोई आंख दिखाये, तो छोड़ते भी नहीं है.

गोपालगंज. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दुनिया ने भारत के शौर्य को देखा है. यह आज का भारत है. हम छेड़ते नहीं, कोई आंख दिखाये, तो छोड़ते भी नहीं है. रविवार को जिला मुख्यालय से 32 किमी दूर कुचायकोट प्रखंड के तिवारी खरेया में पहुंचे बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनन मिश्र लोगों को प्रधानमंत्री मोदी के कार्यों को समझा रहे थे. गांव के लोगों से मनन मिश्र ने कहा कि याद करें 26 /11 मुंबई में 2008 में हुआ था. तब देश में कांग्रेस की सरकार थी. 160 लोगों की निर्मम हत्या हुई. उसके बाद सरकार ने पाकिस्तान को क्या जवाब दिया. सब लोग जानते हैं. हम विदेशों में अपनी बातों को भी नहीं रख पाये. आज जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने 26 पर्यटकों को मार गिराया. इस घटना ने पूरे देश को सकते में डाल दिया. भारत ने इस आतंकी हमले का बदला लिया और पाकिस्तान में बने आतंकियों के नौ ठिकानों को भारतीय सेना ने नष्ट कर दिया. इसके बाद पाकिस्तान की ओर से भारत पर हमला करने की कोशिश की गयी, जिसे भारत ने नाकाम किया. यह तभी संभव हो सका, जब मोदी जैसे प्रधानमंत्री के हाथ में देश की कमान थी. मनन मिश्र ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को बेनकाब करने के इरादे से भारत की ओर से विदेश जाने वाले सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल 22 मई से 5 जून तक जाकर पाकिस्तान के औकात को बताया गया. मनन मिश्र ने कहा कि मैंने खुद यूएइ, लाइबेरिया, कांगो, सिएरा लियोन में जाकर श्रीकांत शिंदे (शिवसेना) बंसुरी स्वराज (बीजेपी), ईटी. मोहम्मद बशीर (आइसूएमएल), अतुल गर्ग (बीजेपी), सस्मित पात्र (बीजेडी), एस.एस. आहलूवालिया, राजदूत सुजन चिनॉय के साथ जाकर पाकिस्तान को बेनकाब किया.

पीएम के कार्यक्रम में शामिल होने का अपील

मनन मिश्र ने गांव- गांव में जाकर लोगों से अपील कर रहे कि वे सीवान के पचरुखी के जैसौली में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हों. प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में शामिल होकर देश के प्रति एकजुटता दिखाएं. प्रधानमंत्री के विकास कार्यों व उनके एजेंडा को समझने की जरूरत पर बल दे रहे. पिछले दो दिनों से मनन मिश्र जिले के गांवों में भ्रमण कर रहे हैं. तिवारी खरेया गांव में लोगों की समस्याओं को सुना. उसके बाद तालाब का सौंदर्यीकरण कराने का निर्देश दिया. यहां पुराना तालाब जीर्ण-शीर्ण स्थिति में पहुंच चुका था. मौके पर गुजरात जयहिंद प्रोजेक्ट के कंपनी के डायरेक्टर ललन पांडेय, शिक्षक राघव तिवारी, इ आनंद मिश्र आदि शामिल थे.

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By Sanjay Kumar Abhay

Sanjay Kumar Abhay is a contributor at Prabhat Khabar.

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