फुलवरिया में ग्राम कचहरी बना मवेशियों का अड्डा, देख-रेख करने वाला कोई नहीं

फुलवरिया. फुलवरिया प्रखंड की ग्राम पंचायत राज पैकौली बदो में ग्राम कचहरी भवन बदहाली का शिकार हो गया है.

फुलवरिया. फुलवरिया प्रखंड की ग्राम पंचायत राज पैकौली बदो में ग्राम कचहरी भवन बदहाली का शिकार हो गया है. जिस भवन से न्याय और जनहित के कामकाज संचालित होने चाहिए, वह आजकल मवेशियों का अड्डा बनकर रह गया है. सबसे बड़ी बात यह है कि इसकी देख-रेख करने वाला कोई नहीं है. ग्रामीणों का कहना है कि एक ओर राज्य सरकार व जिला प्रशासन ग्राम कचहरियों को सशक्त बनाने और इनके कार्यकलापों को गति देने की दिशा में कवायद कर रहा है, वहीं पंचायती राज विभाग की ओर से लगातार ग्राम कचहरियों की व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने की बात कही जा रही है. सरकार ने निर्देश दिया है कि ग्राम कचहरियों में कार्यरत न्याय मित्र और ग्राम कचहरी सचिवों के कार्यों की नियमित समीक्षा हो. साथ ही इन संस्थाओं के माध्यम से संचालित कार्यों का अनुश्रवण भी सुनिश्चित किया जाये, लेकिन सरकारी निर्देश और जमीन हकीकत में बड़ा अंतर साफ झलक रहा है. पैकौली बदो ग्राम कचहरी भवन परिसर में इन दिनों मवेशियों का जमावड़ा लगा रहता है. यहां न्याय मिलने की उम्मीद लेकर आने वाले लोग खुद असुविधा महसूस करते हैं. ग्रामीण बताते हैं कि कचहरी की दुर्दशा को लेकर कई बार स्थानीय अधिकारियों को शिकायत दी गयी, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला. इस लापरवाही को लेकर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है. उनका कहना है कि जब सरकार न्याय पंचायतों को सशक्त बनाने और पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की बात करती है, तो फुलवरिया प्रखंड के अधिकारियों को भी इस दिशा में गंभीर कदम उठाना चाहिए. स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि ग्राम कचहरी भवन की साफ-सफाई, मरम्मत और देख-रेख की स्थायी व्यवस्था हो ताकि भवन अपने मूल उद्देश्य के अनुरूप कार्य कर सके, वरना ग्राम कचहरी को सशक्त करने की सरकारी कवायद कागजों तक ही सीमित रह जायेगी.

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By Awedhesh kumar raja

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