अवैध रूप से जमाबंदी कराने वालों को चिह्नित करेगा विभाग, नहीं दी जायेगी ऑनलाइन प्रति, सुधार के लिए प्राप्त आवेदन भी होगा रिजेक्ट, होगी विभागीय कार्रवाई

पंचदेवरी. अवैध रूप से सरकारी जमीनों की जमाबंदी कराने वालों को विभाग चिह्नित करेगा. ऐसे लोगों को जमाबंदी की ऑनलाइन प्रति उपलब्ध नहीं करायी जायेगी.

पंचदेवरी. अवैध रूप से सरकारी जमीनों की जमाबंदी कराने वालों को विभाग चिह्नित करेगा. ऐसे लोगों को जमाबंदी की ऑनलाइन प्रति उपलब्ध नहीं करायी जायेगी. यदि कोई रैयत इस तरह की जमाबंदी में सुधार के लिए आवेदन भी देता है, तो उसे रिजेक्ट कर दिया जायेगा. राजस्व महा अभियान के दौरान इस मामले में सख्ती बरतने का निर्देश विभाग द्वारा प्राप्त है. राजस्व एवं भूमि सुधार द्वारा 16 अगस्त से राजस्व महाअभियान की शुरुआत की जा रही है. इसके तहत विभाग द्वारा गठित टीम गांव-गांव जाकर रैयतों को ऑनलाइन जमाबंदी की प्रति उपलब्ध करायेगी. यदि जमाबंदी में किसी तरह की त्रुटि है, तो संबंधित रैयत प्रपत्र के माध्यम से विभाग को इसकी जानकारी देंगे. इसके बाद विभाग द्वारा सुधारात्मक कार्यवाही की जायेगी. लेकिन, जिन लोगों ने सरकारी जमीनों पर अवैध रूप से कब्जा करके जमाबंदी करा ली है, उन्हें विभाग न तो जमाबंदी की प्रति देगा और न ही किसी तरह के सुधार के लिए कोई विचार करेगा. इसे लेकर सोमवार को पंचदेवरी के सीओ तरुण कुमार रंजन द्वारा राजस्व कर्मचारियों व संबंधित कर्मियों को कई आवश्यक निर्देश दिये गये. उन्होंने कहा कि जमाबंदी की प्रति के वितरण के लिए पंचायतवार शिविर आयोजित किये जायेंगे. यदि अवैध रूप से करायी गयी सरकारी जमीन की जमाबंदी की ऑनलाइन प्रति के लिए कोई रैयत शिविर में पहुंचता है, तो उसे संबंधित प्रति उपलब्ध नहीं करानी है. जहां-जहां सरकारी जमीनों की अवैध जमाबंदी करायी गयी है, उसकी सूची तैयार कर अग्रेतर कार्रवाई के लिए विभाग के वरीय पदाधिकारियों को भेजी जायेगी. राजस्व महाअभियान से संबंधित अन्य कई निर्देश भी सीओ द्वारा राजस्वकर्मियों को दिये गये. सीओ ने बताया कि भूमि से संबंधित कागजात को अपडेट करने व त्रुटियों में सुधार करने के उद्देश्य से विभाग द्वारा इस महाअभियान की शुरुआत की गयी है. पंचदेवरी में यह अभियान 16 अगस्त से लेकर 20 सितंबर तक चलेगा. इसके लिए राजस्वकर्मियों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है. पंचदेवरी में लगभग 42 हजार जमाबंदी की प्रतियां बांटी जायेंगी. यदि रैयत के नाम, खाता, खेसरा आदि में गड़बड़ी हो अथवा जमाबंदी छूट गयी हो, तो उसमें सुधार किया जायेगा. नामांतरण व बंटवारे से संबंधित सुधार करने का भी प्रावधान है. इसके लिए रैयत को संबंधित प्रपत्र को भरकर विभाग को उपलब्ध कराना होगा.

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By Awedhesh kumar raja

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