गोपालगंज के बरौली की शिक्षिका संगीता दुबे ‘अर्चना’ को मिला लोकचिंतन विशिष्ट सेवा सम्मान

शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली प्रख्यात शिक्षिका व साहित्यकार संगीता दुबे ‘अर्चना’ को राजधानी पटना में 'लोकचिंतन विशिष्ट सेवा सम्मान' से सम्मानित किया गया है. यह सम्मान उनकी साहित्यिक कृतियों और समाज सेवा में निरंतर सक्रियता के लिए दिया गया है.

Lokchintan Vishisht Seva Samman: शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रखंड की प्रख्यात शिक्षिका सह साहित्यकार संगीता दुबे ‘अर्चना’ को राजधानी पटना में आयोजित एक भव्य समारोह में ‘लोकचिंतन विशिष्ट सेवा सम्मान’ से नवाजा गया है. संगीता दुबे प्रखंड के रामस्वरूप सिंह प्रोजेक्ट गर्ल्स हायर सेकेंड्री स्कूल, बड़ा बढ़ेया में गृह विज्ञान की शिक्षिका हैं.

उन्हें यह सम्मान उनकी साहित्यिक कृतियों और समाज सेवा के क्षेत्र में निरंतर सक्रियता के लिए दिया गया है. शिक्षिका ने हिंदी भाषा एवं साहित्य की उन्नति के लिए भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है.

लोकचिंतन पत्रिका के स्थापना दिवस पर मिला सम्मान

दिल्ली से प्रकाशित होने वाली ‘लोकचिंतन’ हिंदी मासिक समाचार पत्रिका की ओर से अपने 17वें स्थापना दिवस के अवसर पर संगीता दुबे ‘अर्चना’ को यह प्रतिष्ठित सम्मान दिया गया.

समारोह में मुख्य अतिथि राज्यपाल और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार सहित प्रबुद्ध शिक्षाविद मौजूद रहे. अतिथियों ने संयुक्त रूप से उन्हें शॉल, स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया.

लेखन के जरिए समाज को जागरूक करने का प्रयास

समारोह में वक्ताओं ने संगीता दुबे के साहित्यिक लेखन की प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि उनकी रचनाएं समाज को जागरूक करने और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं.

साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया है.

बरौली और शिक्षा विभाग में खुशी

संगीता दुबे ‘अर्चना’ को सम्मान मिलने की खबर से बरौली और शिक्षा विभाग में खुशी की लहर है. एचएम अशरफ अली, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, शिक्षक संगठनों और गणमान्य नागरिकों ने उन्हें बधाई दी.

उन्होंने कहा कि इस सम्मान से न केवल संगीता दुबे का बल्कि पूरे क्षेत्र का गौरव बढ़ा है.

शिक्षिका बोलीं- जिम्मेदारी और बढ़ गयी

अपनी सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए शिक्षिका संगीता दुबे ने कहा कि यह सम्मान उनके दायित्वों को और बढ़ाता है. उन्होंने कहा कि भविष्य में भी अपनी लेखनी और शिक्षण के माध्यम से समाज और देशहित में योगदान देती रहेंगी.

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By संजय तिवारी शांडिल्य

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