gopalganj news : एक साथ अत्यधिक शिक्षकों के अवकाश पर विराम, बदल गये नियम

gopalganj news : छुट्टी को लेकर डीइओ ने जारी किये सख्त निर्देशएक दिन में सीमित संख्या में ही अवकाश की अनुमति

gopalganj news : गोपालगंज. जिले के सरकारी स्कूलों में एक ही दिन एक साथ अधिक शिक्षकों के अवकाश लेने पर विराम लगेगा. डीइओ योगेश कुमार ने जिले के सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और प्रधान शिक्षकों को अवकाश संबंधी कड़े दिशा-निर्देश जारी किये हैं.

हाल के निरीक्षणों में पाया गया कि कई विद्यालयों में एक दिन में आधे से अधिक शिक्षकों को आकस्मिक अवकाश दे दिया जा रहा है, जिससे पठन-पाठन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. छात्रहित, पाठ्यक्रम पूर्णता और अनावश्यक अवकाश लेने की प्रवृत्ति को रोकने के लिए यह आदेश जारी किया गया है. डीइओ ने स्पष्ट कहा है कि इन दिशा निर्देशों का पालन अनिवार्य है. विद्यालयों में अनावश्यक अवकाश की प्रवृत्ति रोकने और शिक्षण कार्य को निर्बाध रूप से संचालित करने के लिए यह व्यवस्था आवश्यक है. आदेश में चेतावनी भी दी गयी है कि उल्लंघन की स्थिति में संबंधित प्रधानाध्यापक/प्रधान शिक्षक की जवाबदेही तय की जायेगी.

प्राथमिक विद्यालय में एक दिन केवल एक शिक्षक को अवकाश

प्राथमिक विद्यालयों में प्रधान शिक्षक एक दिन में केवल एक शिक्षक को ही विशेष/आकस्मिक अवकाश अनुमोदित करेंगे. मध्य और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापक एक दिन में अधिकतम दो शिक्षकों को ही अवकाश दे पायेंगे. इससे अधिक अवकाश की आवश्यकता होने पर पूर्व अनुमोदन स्थापना डीपीओ ने लेना अनिवार्य है.

अवकाश लेने की प्रक्रिया

-बिना अनुमोदन के किसी भी प्रकार के अवकाश पर प्रस्थान नहीं किया जायेगा

-आकस्मिक स्थिति में सक्षम प्राधिकारी को फोन या व्हाट्सएप से तुरंत सूचित करना होगा-शिक्षकों को कम से कम एक दिन पूर्व अवकाश आवेदन देना आवश्यक है

-यदि स्वीकृति की सूचना समय पर न मिले, तो शिक्षक इसे आवेदन में उल्लेख कर अवकाश पर जा सकते हैं.

विशेष आकस्मिक अवकाश की व्यवस्था

-विशेष आकस्मिक अवकाश एक माह में केवल दो लगातार दिनों के लिए अनुमान्य होगा

-इसे सार्वजनिक अवकाश, रविवार और आकस्मिक अवकाश के साथ मिलाकर अधिकतम 12 दिनों तक लिया जा सकता है-स्थानीय निकाय शिक्षकों के लिए यह सीमा 10 दिन है

– विशेष आकस्मिक अवकाश को सामान्य आकस्मिक अवकाश पर प्राथमिकता दी जायेगी

आकस्मिक अवकाश (सीएल) के नियम

-एक कैलेंडर वर्ष में अधिकतम 16 दिन की आकस्मिक छुट्टी दी जा सकती है

-वर्ष के बीच में नियुक्त शिक्षक को महीनों के अनुपात में सीएल मिलेगी (महीने का अंश भी पूरा महीना माना जायेगा)-अवकाश अवधि में आने वाले रविवार और सार्वजनिक छुट्टियां सीएल का हिस्सा नहीं मानी जायेंगी.

– सीएल को ग्रीष्मावकाश या शीतावकाश के साथ मिलाकर नहीं दिया जा सकता

रिकॉर्ड रखने की होगी अनिवार्यता

-प्रत्येक विद्यालय में प्रधान शिक्षक/प्रधानाध्यापक को आकस्मिक अवकाश पंजी का सही तरीके से संधारण करना होगा

-हर शिक्षक के लिए अलग-अलग अवकाश लेखा रखना अनिवार्य है-क्षतिपूर्ति अवकाश भी केवल जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) की अनुमति के बाद ही स्वीकृत होगा.

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By Shailesh kumar

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