गोपालगंज से सुरेश राय/गौतम प्रसाद की रिपोर्ट
Gopalganj News : देश की सुरक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले बीएसएफ जवान अनुज तिवारी की शहादत के बाद उनके पैतृक गांव में एक बेहद ही शर्मनाक घटना सामने आई है. अभी बेटे की चिता की आग ठंडी भी नहीं हुई थी कि जमीन विवाद को लेकर कुछ असामाजिक तत्वों ने न सिर्फ शहीद के समाधि स्थल को क्षतिग्रस्त कर दिया, बल्कि वहां ससम्मान लहरा रहे तिरंगे को भी उखाड़कर फेंक दिया.
जानिए…क्या है पूरा मामला
विजयीपुर प्रखंड की अहियापुर पंचायत के भेड़िया गांव निवासी रामप्रवेश तिवारी के पुत्र अनुज तिवारी बीएसएफ में शिलॉन्ग में तैनात थे. बीते दिनों जमजिंका में ड्यूटी के दौरान उनका निधन हो गया था. पार्थिव शरीर गांव पहुंचने पर बीएसएफ के जवानों ने सैन्य सम्मान के साथ अंतिम सलामी दी थी, जिसके बाद तिरंगे में लिपटे शहीद का पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया था.
शहादत के बाद स्थानीय ग्रामीणों और परिजनों ने अनुज तिवारी की याद में उनके समाधि स्थल पर एक ‘शहीद स्मारक’ बनाने का निर्णय लिया था, जहां श्रद्धा के प्रतीक स्वरूप भारत का तिरंगा लगाया गया था.
तिरंगे को उखाड़ फेंका, फिर खेत को जबरन जोता
मिली जानकारी के अनुसार, जमीन विवाद को लेकर गांव के ही कुछ दबंगों और असामाजिक तत्वों ने समाधि स्थल पर हमला बोल दिया. उन्होंने समाधि को नुकसान पहुंचाया और वहां लगे तिरंगे का अपमान करते हुए उसे उखाड़ फेंका दिया. घटना की जानकारी मिलते ही पूरे गांव में तनाव का माहौल व्याप्त हो गया है.
पिता ने कहा- अवैध कब्जा करने चाहते हैं कुछ लोग
जवान के पिता रामप्रवेश तिवारी ने बताया कि जिस जमीन पर मेरे शहीद बेटे की समाधि थी, वह मेरी अपनी निजी जमीन है. कुछ लोग उस पर अवैध कब्जा करना चाहते हैं. उन्होंने प्रशासन से जांच कर दोषी पर कार्रवाई करने की मांग की.
