Gopalganj News : भगवान शिव का प्रिय सावन माह केवल भोलेनाथ की आराधना का ही नहीं, बल्कि पूरे शिव परिवार की उपासना का भी विशेष समय माना जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, सावन का यह पावन महीना आत्मशुद्धि, भक्ति और साधना का प्रतीक है. सोमवार को भगवान शिव, मंगलवार को मां गौरी और बुधवार को भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है.
सावन के पहले बुधवार को करें गणपति की विशेष पूजा
संत शिरोमणि स्वामी विशंभर दास जी महाराज ने बताया कि 5 अगस्त को सावन का पहला बुधवार है. इस दिन भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा करने और कुछ विशेष उपाय अपनाने से विघ्नहर्ता गणपति की विशेष कृपा प्राप्त होती है. उन्होंने कहा कि भगवान शिव की आराधना के साथ शिव परिवार की पूजा करने से जीवन में सुख, समृद्धि और मंगल की प्राप्ति होती है.
गुड़-धनिया और दूर्वा का भोग लगाना होता है शुभ
स्वामी विशंभर दास जी महाराज ने बताया कि भगवान गणेश को गुड़ और धनिया का भोग अत्यंत प्रिय है. पूजा के दौरान दूर्वा (दूब) अर्पित करना भी शुभ माना जाता है. इसके अलावा गणेश जी को लड्डू का भोग लगाने से विशेष फल की प्राप्ति होती है. पूजा के बाद दान-पुण्य करना भी लाभदायक माना गया है. बुधवार के दिन तांबे की वस्तुएं और मूंग की दाल का दान करना शुभ होता है. वहीं, रात में तांबे के पात्र में पानी भरकर रखने और सुबह उसका सेवन करने की भी धार्मिक मान्यता है.
सावन के बुधवार को करें ये पांच विशेष उपाय
- मिट्टी से स्वयं भगवान गणेश की प्रतिमा बनाकर दूर्वा अर्पित करें.
- भगवान गणेश को गुड़ और धनिया का भोग लगाएं.
- तुलसी के पत्तों को धोकर उनका सेवन करें.
- घर से निकलने से पहले सौंफ खाकर जाएं.
- हरे रंग के वस्त्र धारण करें.
इस मंत्र का करें जप
संत शिरोमणि स्वामी विशंभर दास जी महाराज ने बताया कि सावन के बुधवार को भगवान गणेश की पूजा के दौरान श्रद्धापूर्वक इस मंत्र का जप करना विशेष फलदायी माना गया है.
'ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः.'
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