Gopalganj News : राबड़ी देवी बालिका उच्च विद्यालय बना बेटियों की शिक्षा का स्तंभ

फुलवरिया प्रखंड के ऐतिहासिक गांव सेलार कला में स्थित श्रीमती राबड़ी देवी बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय आज बेटियों की शिक्षा का मजबूत स्तंभ बन चुका है.

फुलवरिया. प्रखंड के ऐतिहासिक गांव सेलार कला में स्थित श्रीमती राबड़ी देवी बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय आज बेटियों की शिक्षा का मजबूत स्तंभ बन चुका है. बिहार की पहली महिला मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने यहीं से अपनी प्राथमिक शिक्षा प्राप्त की थीं, जिससे यह विद्यालय न केवल शैक्षणिक दृष्टि से, बल्कि ऐतिहासिक और प्रेरणात्मक दृष्टिकोण से भी विशिष्ट बन जाता है. वर्ष 2014 में स्थापित यह विद्यालय आज सैकड़ों छात्राओं के भविष्य को संवारने का कार्य कर रहा है. वर्तमान में यहां लगभग 250 छात्राएं प्रतिदिन नियमित रूप से अध्ययन के लिए उपस्थित होती हैं. अब तक विद्यालय से सैकड़ों छात्राएं मैट्रिक और इंटर की परीक्षाएं उत्तीर्ण कर राज्य और देश के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्यरत हैं. इस वर्ष भी विद्यालय से 66 छात्राओं ने मैट्रिक और 54 छात्राओं ने इंटरमीडिएट परीक्षा सफलतापूर्वक पास की हैं, जो इसकी शैक्षणिक गुणवत्ता का प्रमाण है. विद्यालय में 13 शिक्षक और शिक्षिकाएं कार्यरत हैं, जो छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने हेतु प्रतिबद्ध हैं. परिसर में पक्के भवन के साथ स्वच्छ शौचालय, शुद्ध पेयजल के लिए चापाकल, और स्मार्ट क्लास जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं. यहां छात्राओं को न केवल अकादमिक ज्ञान दिया जा रहा है, बल्कि नैतिकता, संस्कार और सामाजिक मूल्यों की शिक्षा भी दी जा रही है. हालांकि, कुछ मूलभूत आवश्यकताएं अब भी विद्यालय में अधूरी हैं. लाइब्रेरी का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है, लेकिन फिलहाल छात्राओं को उसका लाभ नहीं मिल पा रहा है. इसके अलावा क्लर्क, सफाईकर्मी और इंटरमीडिएट स्तर पर फिजिक्स, होम साइंस, उर्दू, सामान्य विज्ञान और कंप्यूटर विषयों के शिक्षकों की भारी कमी है, जिससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है. प्रधानाध्यापक राहुल पांडेय और वरिष्ठ शिक्षक शशीष कुमार ओझा ने विद्यालय को एक उच्च स्तरीय शिक्षा केंद्र बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई है. उन्होंने बताया कि जैसे ही लाइब्रेरी तैयार होगी, छात्राएं पुस्तकीय ज्ञान से और अधिक लाभान्वित होंगी.

राबड़ी देवी की शिक्षा भूमि, बेटियों की प्रेरणा बनी

जब भी पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी फुलवरिया आती हैं, वे विद्यालय का निरीक्षण करती हैं और छात्राओं को पढ़ाई के महत्व के प्रति प्रेरित करती हैं. उनके द्वारा छात्राओं से कहा गया कि पढ़ाई के बगैर आपका लक्ष्य अधूरा रहेगा. आज भी विद्यालय के वातावरण में प्रेरणा की तरह गूंजता है. यह विद्यालय अब सिर्फ एक शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि बेटियों के आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और सामाजिक बदलाव का प्रतीक बन चुका है. आवश्यकता है कि शासन-प्रशासन इस ओर ध्यान दे और आवश्यक शिक्षकों व संसाधनों की शीघ्र पूर्ति करे, ताकि यह संस्थान राज्य का एक आदर्श बालिका विद्यालय बन सके.

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