Mahakaleshwar Darshan: भक्ति जब निष्ठा का रूप ले लेती है, तो दूरी और समय के बंधन भी छोटे पड़ जाते हैं. ऐसा ही उदाहरण फुलवरिया गांव निवासी नीतीश कुमार गुप्ता ने पेश किया है. नीतीश ने 3 अगस्त को अपने गांव से उज्जैन स्थित बाबा महाकाल के दर्शन के लिए पैदल यात्रा शुरू की थी. 28 दिनों की लगातार यात्रा पूरी कर 30 अगस्त को वापस लौटे तो गांव में उत्सव जैसा माहौल बन गया.
गांव पहुंचते ही ढोल-नगाड़ों से हुआ स्वागत
फुलवरिया के प्राचीन हनुमान मंदिर परिसर में पुजारी अभिषेक राय और ग्रामीणों ने नीतीश कुमार गुप्ता का ढोल-नगाड़ों और पुष्पवर्षा के साथ आत्मीय स्वागत किया. ग्रामीणों ने उनकी भक्ति और संकल्प की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी.
गोरखनाथ मंदिर से शुरू हुई तीर्थयात्रा
अपनी यात्रा का अनुभव साझा करते हुए नीतीश ने बताया कि पैदल यात्रा के दौरान सबसे पहले वह गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर पहुंचे. इसके बाद लखनऊ के प्रमुख देवालयों और अयोध्या धाम पहुंचकर मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के दर्शन किये.
इसके बाद नीतीश काशी विश्वनाथ पहुंचे और भगवान शिव का जलाभिषेक किया. यात्रा के दौरान उन्होंने बागेश्वर धाम पहुंचकर धीरेंद्र शास्त्री का आशीर्वाद भी प्राप्त किया.
महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में किया जलाभिषेक
तीर्थयात्रा के अंतिम पड़ाव में नीतीश उज्जैन स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग पहुंचे. वहां उन्होंने भगवान महाकाल का दर्शन कर जलाभिषेक किया. उन्होंने देश, राज्य और अपने गांव की सुख-समृद्धि तथा अमन-चैन की कामना की.
वापसी में भी पैदल यात्रा का संकल्प रखा
नीतीश ने बताया कि वापसी के दौरान भी उनका संकल्प नहीं डिगा और वह पैदल ही गांव लौटे. उन्होंने कहा कि पूरी यात्रा के दौरान उन्हें अलग-अलग स्थानों पर लोगों का सहयोग और स्नेह मिला.
यात्रा के दौरान सर्वधर्म समभाव की तस्वीर भी देखने को मिली. अलग-अलग वर्ग और धर्म के लोगों ने उनकी यात्रा में भोजन और विश्राम की व्यवस्था में सहयोग किया.
नीतीश कुमार गुप्ता की अटूट शिवभक्ति और 28 दिनों की पैदल तीर्थयात्रा अब गांव के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है.
