लालू यादव का वो 'ड्रीम प्रोजेक्ट' जिसके लिए गोपालगंज में शुरू हुआ जन आंदोलन, पंचदेवरी से भटनी तक रेल लाइन की मांग, जानें पूरा मामला

Panchdeori-Bhatni Railway Section : गोपालगंज जिले में पंचदेवरी से भटनी तक रेलखंड के अधूरे निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों का जन आंदोलन तेज हो गया है. 2005 में शुरू हुए लालू यादव के इस ड्रीम प्रोजेक्ट को पूरा करने की मांग की जा रही है.

Panchdeori-Bhatni Railway Section : गोपालगंज जिले में पंचदेवरी से भटनी तक रेलखंड का निर्माण कार्य पूरा कराने की मांग अब तेज हो गई है. स्थानीय लोगों ने इसके लिए एक बड़ा जन आंदोलन शुरू कर दिया है. पूर्व जिला पार्षद प्रतिनिधि सुधांशु कुमार पांडेय के नेतृत्व में लोगों ने हस्ताक्षर अभियान चलाकर इस लड़ाई का आगाज किया है.

हथुआ-भटनी रेललाइन का अधूरा काम बनी वजह

क्षेत्र की जनता में इस बात को लेकर भारी नाराजगी है कि हथुआ-भटनी रेलखंड को पंचदेवरी तक लाकर अधूरा छोड़ दिया गया. आंदोलनकारियों का सीधा सवाल है कि जब इस परियोजना की शुरुआत हो चुकी थी, तो इसे भटनी तक पूरा क्यों नहीं किया गया. इसे क्षेत्र की जनता के साथ बड़ा अन्याय बताया जा रहा है.

2005 में शुरू हुआ था लालू यादव का ड्रीम प्रोजेक्ट

इस रेलवे प्रोजेक्ट की शुरुआत साल 2005 में हुई थी. उस समय सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव देश के रेल मंत्री थे. यह उनके ड्रीम प्रोजेक्ट्स में शामिल था. इस प्रोजेक्ट के तहत हथुआ-भटनी रेलखंड की कुल लंबाई करीब 80 किलोमीटर स्वीकृत की गई थी.

बिहार में 67 और यूपी में बनना था 13 किमी ट्रैक

स्वीकृत योजना के अनुसार, इस 80 किलोमीटर लंबी लाइन में से 67 किलोमीटर ट्रैक बिहार में और 13 किलोमीटर उत्तर प्रदेश में बनना था. लालू प्रसाद की पहल से हथुआ से लेकर फुलवरिया होते हुए पंचदेवरी तक रेलवे लाइन का काम पूरा भी कर लिया गया था.

2017 में पंचदेवरी हॉल्ट से शुरू हुई थी ट्रेन

निर्माण कार्य के बाद पहले फुलवरिया से हाजीपुर के लिए ट्रेन का परिचालन शुरू हुआ. इसके बाद काम पंचदेवरी तक पूरा हुआ. दो दिसंबर 2017 से पंचदेवरी हॉल्ट से भी हाजीपुर के लिए पैसेंजर ट्रेन खुलने लगी. लोगों को उम्मीद थी कि जल्द ही लाइन भटनी तक जुड़ जाएगी, लेकिन आंदोलनकारियों के अनुसार सरकार बदलते ही इस प्रोजेक्ट पर ग्रहण लग गया.

आंदोलन में शामिल प्रमुख चेहरे

इस जनअभियान और हस्ताक्षर अभियान में कई जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और युवा शामिल हुए. इनमें मुख्य रूप से पूर्व प्रमुख वीरेंद्र मधेशिया, डॉ राहुल पांडेय, मेराज अंसारी, राहुल गुप्ता, दुर्गेश कुशवाहा, विवेक कुशवाहा, बबलू कुशवाहा, अजय कुशवाहा, मनु कुशवाहा और ब्रह्मानंद गिरि सहित भारी संख्या में आम लोग मौजूद रहे.

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By Ajit dubey

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