gopalganj news : अब गांवों में भी चलेगा प्रशासन का बुलडोजर, तैयार की जा रही अतिक्रमणकारियों की रिपोर्ट

gopalganj news : सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा को लेकर विभाग सख्त, तेज की कार्रवाईसंबंधित कागजातों की जांच कर फर्जी जमाबंदी को भी रद्द करेगा विभाग

gopalganj news : पंचदेवरी. अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन का रुख अब और सख्त होता नजर आ रहा है. शहरी क्षेत्रों व चौक-चौराहों पर लगातार कार्रवाई के बाद अब प्रशासन ने ग्रामीण इलाकों में भी अतिक्रमण हटाने की तैयारी शुरू कर दी है. ग्रामीण क्षेत्रों में भी कई जगहों पर लोग सरकारी जमीनों को अपनी निजी संपत्ति समझ बैठे हैं.

प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि किसी भी कीमत पर सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. अब गांवों में भी अतिक्रमणकारियों के खिलाफ प्रशासन का बुलडोजर चलेगा. पंचदेवरी के सीओ तरुण कुमार रंजन ने बताया कि वरीय पदाधिकारियों के निर्देशानुसार प्रखंड मुख्यालय के समीप स्थित पांच गांवों में सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण करने वालों की सूची तैयार की जा रही है. इसके लिए सभी संबंधित राजस्व कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में सरकारी जमीनों की जांच कर अतिक्रमणकारियों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करें. रिपोर्ट में जमीन का रकबा, खाता व खेसरा, जमीन का प्रकार तथा किसके द्वारा कब्जा किया गया है, इसका स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए. सीओ ने कहा कि रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किया जायेगा. निर्धारित समय सीमा के अंदर यदि अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए बलपूर्वक अतिक्रमण हटाया जायेगा.

जमाबंदी की भी शुरू कर दी गयी है जांच

सीओ तरुण कुमार रंजन ने बताया कि यदि किसी ने फर्जी जमाबंदी करायी है, तो उसे भी रद्द करने की अनुशंसा की जायेगी. इन पांच गांवों के साथ ही प्रखंड क्षेत्र के अन्य गांवों में भी अतिक्रमण की सूचना मिलने पर जांच के बाद बुलडोजर चलेगा. प्रशासन की इस पहल से अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मचा हुआ है. वहीं, आम लोगों में इस कार्रवाई को लेकर काफी चर्चा भी है. ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा कर लिये जाने के कारण सार्वजिनक कार्यों में बाधा उत्पन्न हो रही है. यदि अतिक्रमण हटाया जाता है, तो इससे गांवों में विकास कार्यों को गति मिलेगी. पंचदेवरी के सीओ ने यह भी अपील की है कि जिन लोगों ने अनजाने में या मजबूरी में सरकारी जमीन पर कब्जा कर रखा है, वे स्वेच्छा से अतिक्रमण हटा लें, ताकि उन्हें किसी तरह की कानूनी कार्रवाई का सामना न करना पड़े. नोटिस दिये जाने के बाद भी खुद से अतिक्रमण नहीं हटाने वालों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई तय है.

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Published by: Shailesh kumar

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