बतरदेह माई की दर से कोई नहीं जाता है खाली, पूरी होती हैं मुरादें

बरौली. ‘‘दधाना करपद्माभ्यामक्षमाला कमण्डलू, देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा’’ मंत्र के साथ शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन भक्तों ने मां दुर्गा के दूसरे रूप माता ब्रह्मचारिणी की आराधना कर मुरादें मांगी.

बरौली. ‘‘दधाना करपद्माभ्यामक्षमाला कमण्डलू, देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा’’ मंत्र के साथ शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन भक्तों ने मां दुर्गा के दूसरे रूप माता ब्रह्मचारिणी की आराधना कर मुरादें मांगी. नवरात्रि के प्रथम दिन से प्रखंड के हरेक गांव स्थित माता के मंदिरों में चहल-पहल बढ़ गयी है और महिला-पुरुष भक्त अहले सुबह से माता की आराधना में लगे हैं. हालांकि नवरात्रि के पहले दिन से ही माहौल भक्तिमय हो गया था और जैसे-जैसे दिन बढ़ेंगे, प्रखंड के हर गांव में माता के जयकारे गूंजेगे तथा वातावरण और भक्तिमय होगा. देवीगंज स्थित सिद्धपीठ मां नकटो भवानी के दरश के लिए तो उत्तर प्रदेश और नेपाल से श्रद्धालु पहुंच हीं रहे हैं, प्रखंड की प्रसिद्ध बतरदेह पंचायत के बतरदेह माई स्थान पर भी असंख्य श्रद्धालु मां के दरश को पहुंच रहे हैं. बतरदेह माई के बारे में प्रसिद्ध है कि माताजी भक्तों की मुरादें जरूर पूरी करती है और कोई सवाली यहां से खाली हाथ नहीं जाता. यहां सप्तमी के दिन से नेपाल, उत्तर प्रदेश सहित बिहार के कई जिलों से श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू होगा. मां के पुजारी शैलेश पांडेय ने बताया कि मां के इस ऐतिहासिक मंदिर से आज तक कोई खाली हाथ नहीं गया और यहां के लोगों ने मां के कई अलौकिक कामदेखे हैं जिससे क्षेत्र में मां के प्रति लोगों के मन में भारी श्रद्धा है. अ

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Author: SANJAY TIWARI

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