Gopalganj News: जिले के मांझा प्रखंड में पारंपरिक आस्था और उत्साह के साथ वार्षिक महावीरी अखाड़ा जुलूस निकाला गया. सोमवार की आधी रात से शुरू हुआ यह भव्य जुलूस मंगलवार की सुबह तक निरंतर जारी रहा. प्रखंड के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों से निकले अखाड़ों में हजारों की संख्या में श्रद्धालु, युवा और अखाड़ा समितियों के सदस्य शामिल हुए. पूरा इलाका 'जय श्रीराम' और 'जय बजरंगबली' के गगनभेदी जयघोष से गुंजायमान रहा.
ढोल-नगाड़ों की थाप पर झूमे श्रद्धालु, युवाओं ने दिखाए हैरतअंगेज करतब
महावीरी अखाड़े के दौरान पूरे क्षेत्र में भक्ति और उमंग का अनूठा संगम देखने को मिला:
- शौर्य कला का प्रदर्शन: अखाड़े में शामिल अखाड़िहारों और युवाओं ने लाठी, डंडे और पारंपरिक हथियारों के साथ अद्भुत करतब दिखाकर अपने शौर्य का प्रदर्शन किया.
- आकर्षक झांकियां: विभिन्न अखाड़ा समितियों द्वारा भगवान श्रीराम और पवनपुत्र हनुमान के जीवन प्रसंगों पर आधारित सजीव व मनमोहक झांकियां प्रस्तुत की गईं, जिन्हें देखने के लिए सड़कों पर भीड़ उमड़ पड़ी.
- ढोल-नगाड़ों की गूंज: पारंपरिक ढोल-ताशों और नगाड़ों की थाप पर युवा और श्रद्धालु पूरी रात थिरकते और उत्साह मनाते नजर आए. मार्ग में जगह-जगह ग्रामीणों ने जुलूस का भव्य स्वागत किया.
मांझा नई बाजार में उमड़ा जनसैलाब, प्रशासन ने संभाला मोर्चा
जुलूस के अपने निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए मांझा नई बाजार पहुंचने पर भारी भीड़ एकत्र हो गई, जिससे कुछ समय के लिए मुख्य बाजार में जबरदस्त गहमागहमी बन गई:
- भीड़ नियंत्रण: स्थिति को नियंत्रित और सुगम बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारी पूरी रात मुस्तैद रहे.
- अखाड़ों की सुरक्षित निकासी: पुलिस बल ने अखाड़ा समितियों के साथ समन्वय बनाकर बाजार में उमड़ी भीड़ को नियंत्रित किया और सभी अखाड़ों को क्रमबद्ध तरीके से सुरक्षित उनके गांवों की ओर रवाना कराया.
- चाक-चौबंद सुरक्षा: पूरे आयोजन के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए संवेदनशील स्थानों और चौक-चौराहों पर भारी संख्या में पुलिस बल और दंडाधिकारी तैनात रहे, जिससे पूरा मेला शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ.
