कस्तूरबा स्कूल का बुरा हाल! गोपालगंज के पंचदेवरी में एक भी शिक्षिका नहीं, प्रभारी वार्डेन के भरोसे छात्राएं

Kasturba Gandhi Residential Girls School: गोपालगंज के पंचदेवरी प्रखंड में स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में शिक्षिकाओं की घोर कमी है. एक भी स्थायी शिक्षिका न होने से छात्राओं की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है. ग्रामीणों का आरोप है कि नियुक्त शिक्षिकाओं को अन्यत्र प्रतिनियोजित कर दिया गया है.

Kasturba Gandhi Residential Girls School: पंचदेवरी प्रखंड के बगहवा स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय इन दिनों सिर्फ प्रभारी वार्डेन के भरोसे चल रहा है. विद्यालय सह छात्रावास में एक भी शिक्षिका उपलब्ध नहीं है. ऐसे में छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलने पर सवाल खड़ा हो गया है. छात्राओं की संख्या अच्छी होने के बावजूद शिक्षिकाओं की कमी के कारण पढ़ाई प्रभावित होने की बात सामने आ रही है.

विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, इस विद्यालय में शिक्षिकाओं के तीन पद सृजित हैं. छात्राओं को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए संबंधित शिक्षिकाओं को छात्रावास में अपनी ड्यूटी देनी है. ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय में शिक्षिकाओं की नियुक्ति होने के बावजूद उन्हें दूसरे स्थानों पर प्रतिनियोजित कर दिया गया है. इसके कारण विद्यालय में पढ़ने वाली छात्राओं को नियमित रूप से पढ़ाने के लिए एक भी शिक्षिका उपलब्ध नहीं है.

प्रतिनियोजन के कारण पढ़ाई प्रभावित होने का आरोप

डॉ. कृष्णा गुप्ता, नथुनी सिंह, मोहन साह, प्रिंस सिंह, मुन्ना सिंह, कृष्णा सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि कस्तूरबा विद्यालय में शिक्षिकाओं की नियुक्ति हुई है, लेकिन उन्हें दूसरे स्थानों पर प्रतिनियोजित कर दिया गया है. इससे विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है.

ग्रामीणों और अभिभावकों के अनुसार, शिक्षिकाओं की कमी का मामला विद्यालय प्रबंधन के समक्ष कई बार उठाया जा चुका है. साथ ही, समस्या को वरीय पदाधिकारियों तक पहुंचाने की मांग भी की गयी है. ग्रामीणों का कहना है कि मामला अधिकारियों के संज्ञान में आने के बावजूद अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है.

आवासीय विद्यालय में शिक्षिकाओं की मौजूदगी जरूरी

ग्रामीणों का कहना है कि आवासीय विद्यालय में रहने वाली छात्राओं की पढ़ाई और बेहतर शैक्षणिक माहौल के लिए शिक्षिकाओं की मौजूदगी बेहद जरूरी है. शिक्षिकाओं के अभाव में छात्राओं को मानक के अनुरूप शिक्षा मिल पाना मुश्किल हो गया है.

ग्रामीणों और अभिभावकों ने वरीय अधिकारियों से विद्यालय में तत्काल शिक्षिकाओं की पदस्थापना करने तथा प्रतिनियोजन पर गयी शिक्षिकाओं को वापस लाने की मांग की है. उनका कहना है कि यदि जल्द शिक्षिकाओं की व्यवस्था नहीं की गयी, तो छात्राओं के शैक्षणिक भविष्य पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है.

बोले बीइओ

प्रभारी बीइओ विकास कुमार ने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में आया है. इस पर पहल शुरू कर दी गयी है. विभाग के वरीय पदाधिकारियों को भी इसकी सूचना दी गयी है. शीघ्र ही संबंधित शिक्षिकाओं का प्रतिनियोजन रद्द कर समस्या का समाधान कराया जायेगा.

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By अजित द्विवेदी

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