JPU Semester-3 Exam Form : जयप्रकाश विश्वविद्यालय (जेपीयू) ने स्नातक सत्र 2024-28 सीबीसीएस के सेमेस्टर-3 परीक्षा फॉर्म भरने वाले छात्रों को बड़ी राहत दी है. बैंक की तकनीकी समस्या के कारण परीक्षा शुल्क जमा नहीं होने से आवेदन प्रक्रिया प्रभावित हुई थी. इसे देखते हुए विश्वविद्यालय ने परीक्षा फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 20 जुलाई कर दी है.
बैंक की तकनीकी गड़बड़ी से प्रभावित हुई आवेदन प्रक्रिया
जेपीयू के अनुसार बैंक के तकनीकी सिस्टम में आई समस्या के कारण बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं समय पर परीक्षा शुल्क जमा नहीं कर सके. इसके चलते उनका ऑनलाइन आवेदन अधूरा रह गया. लगातार मिल रही शिकायतों के बाद विश्वविद्यालय ने छात्रों के हित में अंतिम तिथि बढ़ाने का निर्णय लिया.
JPU Semester-3 Exam Form : अब 20 जुलाई तक भर सकेंगे परीक्षा फॉर्म
स्नातक सत्र 2024-28 CBCS के सेमेस्टर-3 के छात्र अब 20 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन करने के बाद परीक्षा प्रपत्र और आवश्यक दस्तावेज संबंधित कॉलेज में जमा कर सकेंगे. पहले यह अंतिम तिथि 15 जुलाई निर्धारित थी. इस निर्णय से गोपालगंज समेत जेपीयू से संबद्ध सभी अंगीभूत और संबद्ध कॉलेजों के हजारों विद्यार्थियों को राहत मिली है.
कॉलेजों को भी जारी किए गए निर्देश
विश्वविद्यालय ने सभी कॉलेजों को निर्देश दिया है कि सत्यापित परीक्षा प्रपत्र, समेकित सूची और पेन ड्राइव सहित सभी आवश्यक अभिलेख 22 जुलाई तक हर हाल में परीक्षा विभाग में जमा कराएं. कॉलेज प्रशासन ने भी छात्रों से अंतिम समय का इंतजार नहीं करने और समय रहते दस्तावेज जमा करने की अपील की है.
28 क्रेडिट वाले छात्र ही होंगे पात्र
जेपीयू ने स्पष्ट किया है कि सेमेस्टर-3 परीक्षा में वही छात्र शामिल हो सकेंगे, जिन्होंने सेमेस्टर-1 और सेमेस्टर-2 मिलाकर कम से कम 28 क्रेडिट प्राप्त किए हैं. परीक्षा शुल्क 600 रुपये निर्धारित किया गया है.
ऑनलाइन आवेदन के बाद छात्रों को अंकपत्र, पंजीयन पत्र, प्रवेश पत्र, ऑनलाइन शुल्क भुगतान की रसीद और अन्य आवश्यक दस्तावेज संबंधित कॉलेज में जमा करना अनिवार्य होगा.
सत्यापन में लापरवाही पर होगी कार्रवाई
परीक्षा नियंत्रक डॉ. अशोक कुमार मिश्रा ने सभी प्राचार्यों और सत्यापन पदाधिकारियों को परीक्षा प्रपत्रों का सावधानीपूर्वक सत्यापन करने का निर्देश दिया है. विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि बिना वैध पंजीकरण वाले छात्र का परीक्षा फॉर्म अग्रसारित होने या सत्यापन में लापरवाही मिलने पर संबंधित प्राचार्य और सत्यापन पदाधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी.
