Gopalganj News : गोपालगंज जिला के भोरे प्रखंड के भोजपुरी धाम अमही मिश्र गांव में 12 नवंबर को भोजपुरी भाषा, साहित्य और संस्कृति का बड़ा आयोजन होने जा रहा है. जय भोजपुरी-जय भोजपुरिया के तत्वावधान में आयोजित होने वाले साहित्यिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम के नौवें वार्षिक महोत्सव की तैयारियां शुरू कर दी गयी हैं. महोत्सव में देश के अलग-अलग हिस्सों से भोजपुरी कवि, गायक और कलाकार शामिल होंगे और अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन करेंगे.
आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान भोजपुरी भाषा और संस्कृति से जुड़े विभिन्न पहलुओं को सामने रखा जायेगा. साथ ही भोजपुरी के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले नामचीन कलाकारों को सम्मानित भी किया जायेगा.
भोजपुरी की माटी और थाती को समृद्ध करने का प्रयास
जय भोजपुरी-जय भोजपुरिया साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था के अध्यक्ष और अमही मिश्र गांव निवासी उद्योगपति सतीश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि संस्था भोजपुरी की माटी और थाती को स्वच्छ एवं समृद्ध रखने के उद्देश्य से लगातार काम कर रही है.
उन्होंने कहा कि भोजपुरी भाषा और संस्कृति की अपनी समृद्ध परंपरा रही है. संस्था से जुड़े लोग सामाजिक जागरण के माध्यम से भोजपुरी में बढ़ती अश्लीलता को दूर करने और भाषा को गौरवपूर्ण स्थान दिलाने के प्रयास में जुटे हैं. इसी उद्देश्य को लेकर प्रत्येक वर्ष साहित्यिक एवं सांस्कृतिक महोत्सव का आयोजन किया जाता है.
नौवें वार्षिक महोत्सव की शुरू हुई तैयारी
इस वर्ष संस्था की ओर से नौवां वार्षिक महोत्सव 12 नवंबर को आयोजित किया जायेगा. आयोजन को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गयी हैं. कार्यक्रम में देश के अलग-अलग हिस्सों से भोजपुरी के चर्चित कवि और गायक पहुंचेंगे.
आयोजकों ने बताया कि महोत्सव के दौरान भोजपुरी कला और संस्कृति के क्षेत्र में योगदान देने वाले नामचीन कलाकारों को सम्मानित किया जायेगा. इसके लिए कलाकारों और अतिथियों से संपर्क का सिलसिला शुरू कर दिया गया है.
भोजपुरी गीत और कविता से सजेगा मंच
महोत्सव के दौरान भोजपुरी कवि और गायक अपनी रचनाओं एवं गीतों की प्रस्तुति देंगे. इससे भोजपुरी धाम अमही मिश्र में साहित्य और संस्कृति का संगम देखने को मिलेगा. आयोजकों को उम्मीद है कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भोजपुरी प्रेमी शामिल होंगे.
संस्था की ओर से आयोजन को सफल बनाने के लिए स्थानीय स्तर पर भी लोगों से संपर्क किया जा रहा है. कार्यक्रम के माध्यम से भोजपुरी भाषा के प्रति नई पीढ़ी में रुचि और जुड़ाव बढ़ाने का भी प्रयास किया जायेगा.
