पंचदेवरी. प्रखंड के हनुमान मंदिर से भोला प्रजापति के घर तथा पंचदेवरी-भोरे मेन रोड के पास रफीक साह के घर से पृथ्वी मधेशिया के घर तक बनी पक्की सड़क की जांच गुरुवार को बीडीओ राहुल रंजन ने की.
यह सड़क लगभग पांच माह पहले ही बनी थी, लेकिन ग्रामीणों ने इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए शिकायत दर्ज करायी थी. जांच के दौरान कई गड़बड़ियां सामने आयीं, जिस पर बीडीओ ने नाराजगी जताते हुए मौके पर मौजूद तकनीकी सहायक सिद्धांत कुमार को कड़ी फटकार लगायी और अभिकर्ता तथा तकनीकी सहायक दोनों का वेतन रोकने का आदेश दिया.सड़क निर्माण की शुरुआत के साथ ही मिलने लगीं गड़बड़ियां
13 लाख 51 हजार 600 रुपये की लागत से बनी इस सड़क में शुरुआत से ही गड़बड़ियां रही हैं. बीच में निजी जमीन होने के कारण कुछ दूरी तक सड़क का निर्माण नहीं हो पाया. इसके बाद सौ फुट लंबाई का पथ बनाया गया, लेकिन यह पहले से बनी सड़क से कनेक्ट नहीं हो पा रहा था. वेंडर ने खुद से दोनों सड़कों को जोड़ने का प्रयास किया, लेकिन मानक का पालन नहीं होने से सड़क जल्दी फटने लगी. जांच में पाया गया कि सौ फुट लंबे हिस्से में लगभग 40 फुट तक चौड़ाई मानक से कम है. साथ ही सड़क की मोटाई भी जगह-जगह पर मानक के अनुरूप नहीं पायी गयी. बीडीओ ने तकनीकी सहायक से हर बिंदु पर सवाल किये, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अभिकर्ता, तकनीकी सहायक और जेइ से स्पष्टीकरण मांगा गया है.जांच के बाद अन्य योजनाओं को लेकर भी सख्त निर्देश जारी
सड़क की खराब गुणवत्ता पर नाराज बीडीओ ने प्रखंड क्षेत्र की अन्य योजनाओं को लेकर भी सख्त निर्देश दिये. उन्होंने कहा कि बिना एनओसी लिये किसी भी योजना का संचालन नहीं किया जायेगा. जहां भी सड़क ढलाई या पक्कीकरण का कार्य हो, वहां जेइ और तकनीकी सहायक की उपस्थिति अनिवार्य होगी और मानक के अनुरूप कार्य सुनिश्चित कराना होगा. साथ ही कार्य की तस्वीर कार्यालय में जमा करनी होगी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
