बरौली. गुरुवार को प्रखंड सभागार में उर्वरक निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गयी. इसमें सदस्यों के द्वारा प्रखंड में उर्वरक से संबंधित जानकारी देते हुए आच्छादित रकबा तथा उर्वरकों की आवश्यकता तथा उनकी आपूर्ति के बारे में जानकारी दी गयी. वहीं, अधिकारियों द्वारा निदेश भी दिये गये. बैठक में दोनों बीएओ अरविंद कुमार तथा विक्रमा मांझी के द्वारा रबी फसल के आच्छादित रकबा की चर्चा करते हुए बताया गया कि इस बार रबी फसल के 16506 हेक्टेयर रकबा फसल से आच्छादित है जिसके लिये युरिया की जरूरत 2817 एमटी की जरूरत है और 1725 एमटी उपलब्ध है, इसी तरह डीएपी की जरूरत 469 एमटी की है जबकि उसकी उपलब्धता 530 एमटी है. एमओपी की जरूरत 190 एमटी की जबकि सकी उपलब्धता 155 एमटी है. एनपीके की जरूश्रत 704 एमटी जबकि उपलब्धता 607 एमटी है. एसएसपी की जरूरत 176 एमटी है और उसकी उपलब्धता 212 एमटी है. जरूरत और उपलब्धता के अलावा उर्वरकों में यूरिया 122 एमटी, डीएपी 129 एमटी, एमओपी 17 एमटी, एनपीके 74 एमटी और एसएसपी 41 एमटी अवशेष है. इस प्रतिवेदन में अधिकारियों द्वारा यह भी बताया गया कि जीरो टोलरेंस नीति के तहत सभी प्रतिष्ठानों को पॉस मशीन, भंडार पंजी के अनुसार सूचना पट पर तिथि, मूल्य एवं भंडार अंकित करते हुए उर्वरत वितरण का निदेश दिया गया है. बैठक में बीडीओ मुकेश कुमार, किसानश्री विजेन्द्र सिंह, मंडल भाजपा अध्यक्ष प्रशांत सिंह, बीससूत्री अध्यक्ष कन्हैया साह, विधायक प्रतिनिधि, शिवबालक बुशवाहा के अलावा सभी उर्वरक निरीक्षक आदि मौजूद थे.
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