गोपालगंज से सुरेश कुमार राय की रिपोर्ट
Inspector Police Station Bihar: बिहार में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनाने के लिए पुलिस मुख्यालय ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है. पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार के आदेश के बाद अब राज्य के 425 थानों की कमान सब-इंस्पेक्टर (दारोगा) के बजाय इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी संभालेंगे. इस निर्णय से गोपालगंज जिले की पुलिस व्यवस्था में भी बड़ा बदलाव होगा.
गोपालगंज के 10 थाने हुए इंस्पेक्टर श्रेणी में अपग्रेड
मुख्यालय के नए आदेश के बाद गोपालगंज जिले के 10 थानों को इंस्पेक्टर श्रेणी में अपग्रेड किया गया है. इन थानों में अब इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी थानाध्यक्ष के रूप में तैनात किए जाएंगे.
अपग्रेड किए गए थाने हैं.
- कटेया
- भोरे
- मीरगंज
- कुचायकोट
- बैकुंठपुर
- उचकागांव
- मांझागढ़
- बरौली
- विजयीपुर
- गोपालपुर
नगर थाना और हथुआ थाना में पहले से ही इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी तैनात हैं.
किन आधारों पर हुआ अपग्रेडेशन
पुलिस मुख्यालय के अनुसार पहले राज्य में 208 थाने इंस्पेक्टर श्रेणी के थे. अब 217 और थानों को इस श्रेणी में शामिल किया गया है, जिससे कुल संख्या 425 हो गई है.
थानों के चयन के लिए दो प्रमुख मानक तय किए गए.
- सालाना 350 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज होने वाले थाने.
- भौगोलिक और सांप्रदायिक दृष्टि से अति संवेदनशील थाने.
सरकार पर नहीं पड़ेगा अतिरिक्त वित्तीय बोझ
पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि इस व्यवस्था से राज्य सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा. पूरी व्यवस्था मौजूदा पदबल और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर संचालित की जाएगी.
अनुसंधान और कानून-व्यवस्था के लिए अलग होंगे अपर थानाध्यक्ष
नई व्यवस्था के तहत थानों में अनुसंधान और कानून-व्यवस्था के लिए अलग-अलग अपर थानाध्यक्ष तैनात किए जाएंगे. इससे मामलों के निष्पादन में तेजी आएगी और पुलिसिंग अधिक प्रभावी होगी.
नई व्यवस्था से होंगे ये फायदे
- केसों की जांच और अनुसंधान में तेजी आएगी.
- अपराधियों के खिलाफ समय पर चार्जशीट और सजा दिलाने में मदद मिलेगी.
- त्योहारों, वीआईपी मूवमेंट और कानून-व्यवस्था की बेहतर निगरानी होगी.
- महिला हेल्प डेस्क और किशोर अपराध से जुड़े मामलों के निष्पादन में सुधार होगा.
- आम लोगों की शिकायतों का तेजी से निपटारा हो सकेगा.
गोपालगंज जैसे सीमावर्ती और संवेदनशील जिले में इस व्यवस्था के लागू होने से अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग को नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.
