Gopalganj News : हथुआ जंक्शन पर लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की बहुप्रतीक्षित मांग अब रेलवे के आधारभूत ढांचे की कमी के कारण अटकती नजर आ रही है. क्षेत्र के यात्री लंबे समय से महत्वपूर्ण एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग कर रहे हैं, लेकिन स्टेशन पर उपलब्ध मौजूदा संसाधन रेलवे के परिचालन मानकों के लिहाज से पर्याप्त नहीं माने जा रहे हैं. ऐसे में अतिरिक्त प्लेटफॉर्म और लूप लाइन का निर्माण इस मांग को पूरा करने के लिए अहम माना जा रहा है.
एक प्लेटफॉर्म से एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव मुश्किल
हथुआ जंक्शन पर फिलहाल एक ही प्लेटफॉर्म उपलब्ध है. ऐसे में लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेन को प्लेटफॉर्म पर रोकने से दूसरी ट्रेनों के परिचालन और क्रॉसिंग की व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका रहती है. मुख्य लाइन पर ट्रेन खड़ी होने की स्थिति में परिचालन का दबाव बढ़ सकता है. यात्रियों की सुरक्षा और सुचारू संचालन के लिए भी अतिरिक्त व्यवस्था की जरूरत होगी.
दोनों तरफ प्लेटफॉर्म और लूप लाइन की जरूरत
रेलवे के परिचालन मानकों के अनुसार, एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की संभावनाओं को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त प्लेटफॉर्म के साथ लूप लाइन का निर्माण जरूरी माना जा रहा है. इससे एक ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर खड़े रहने के दौरान दूसरी ट्रेनों के परिचालन को व्यवस्थित रखने में मदद मिल सकती है. यात्री सुविधाओं के विस्तार के लिहाज से भी स्टेशन पर आधारभूत संरचना बढ़ाना जरूरी है.
लंबे समय से ठहराव की मांग कर रहे यात्री
हथुआ जंक्शन से गुजरने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों के ठहराव की मांग क्षेत्र में लंबे समय से उठती रही है. स्थानीय यात्रियों का कहना है कि हथुआ और आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग दूसरे शहरों की यात्रा करते हैं. महत्वपूर्ण एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव मिलने से यात्रियों को काफी सुविधा होगी और उन्हें दूसरे स्टेशनों पर निर्भरता कम होगी.
धरना-प्रदर्शन से ज्ञापन तक, कई बार उठी आवाज
ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर स्थानीय नागरिक कई बार धरना-प्रदर्शन, ज्ञापन और सांकेतिक विरोध कर चुके हैं. यात्रियों का कहना है कि मांग को रेलवे के उच्चाधिकारियों और रेल मंत्रालय के स्तर तक प्रभावी तरीके से उठाने की जरूरत है. जनप्रतिनिधियों से भी इस दिशा में पहल की उम्मीद जतायी जा रही है.
प्लेटफॉर्म कब बनेगा, इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं
अतिरिक्त प्लेटफॉर्म का निर्माण हथुआ जंक्शन की परिचालन क्षमता बढ़ाने के साथ यात्री सुविधाओं के लिए भी महत्वपूर्ण है. हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि अतिरिक्त प्लेटफॉर्म को मंजूरी कब मिलेगी, बजट का आवंटन कब होगा और निर्माण कार्य कब शुरू किया जाएगा. निर्माण की समय-सीमा स्पष्ट नहीं होने से यात्रियों की उम्मीदें भी अधर में हैं.
हजारों यात्रियों की निगाहें रेलवे और जनप्रतिनिधियों पर
फिलहाल क्षेत्र के हजारों यात्रियों की नजर रेलवे के उच्चाधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की पहल पर टिकी है. यात्रियों को उम्मीद है कि हथुआ जंक्शन पर अतिरिक्त प्लेटफॉर्म, लूप लाइन और जरूरी यात्री सुविधाओं का विस्तार जल्द होगा. आधारभूत ढांचा मजबूत होने के बाद महत्वपूर्ण एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव का रास्ता भी साफ होने की उम्मीद है.
