Gopalgang Weather Alert: जिले में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है. आसमान में घने काले बादलों का डेरा रहने के कारण बुधवार को दिनभर धूप नहीं निकली. मंगलवार की शाम और देर रात जिले में 22 एमएम बारिश दर्ज की गयी. बारिश के बाद चली ठंडी और तेज हवाओं ने उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों को राहत दी.
सुबह से करीब 26.3 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलती रहीं. जिले के अलग-अलग हिस्सों में कहीं हल्की बूंदाबांदी तो कहीं तेज फुहारों का सिलसिला जारी रहा. लगातार बारिश और ठंडी हवाओं के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की गयी. इससे पिछले कई दिनों से परेशान कर रही उमस से लोगों को राहत मिली.
अगले 48 घंटे तक रुक-रुक कर बारिश के आसार
मौसम विज्ञानी डॉ. एसएन पांडेय के अनुसार, वर्तमान वायुमंडलीय परिस्थितियों को देखते हुए अगले 48 घंटे तक रुक-रुक कर बारिश होने के आसार हैं. इस दौरान मौसम सुहाना बना रह सकता है. दिन में धूप और बादलों के बीच आंखमिचौली का दौर भी जारी रहने की संभावना है. मौसम विभाग की ओर से हल्की बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.
बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाएं
मौसम में बदलाव की प्रमुख वजह बंगाल की खाड़ी से लगातार आ रही नम हवाओं को बताया जा रहा है. मानसून ट्रफ और चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से समुद्र से उठने वाली नमी बिहार के मैदानी इलाकों में पहुंच रही है. नम हवा के ऊपर उठने से घने संवहनीय बादल बन रहे हैं, जिसके कारण बिजली चमकने के साथ बारिश हो रही है.
फसलों के लिए बारिश संजीवनी, निचले इलाकों में जलजमाव की चिंता
बारिश खरीफ फसलों, खासकर धान की खेती के लिए लाभकारी मानी जा रही है. खेतों में पर्याप्त नमी मिलने से किसानों को राहत मिली है. हालांकि, जिन निचले खेतों में पहले से पानी जमा है, वहां जल निकासी की जरूरत होगी.
शहरी इलाकों में भी बारिश के बाद जलजमाव की समस्या बढ़ने की आशंका है. शहर के कालीस्थान रोड, राजीव नगर और सरेया वार्ड नंबर एक में सड़कों पर पानी और कीचड़ जमा होने से दोपहिया और चारपहिया वाहनों की रफ्तार धीमी रही. इससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा.
सावन में तरसाया, अब भादो की बारिश पर टिकी उम्मीद
जिले में जून से अगस्त तक सामान्य से काफी कम बारिश हुई है. आंकड़ों के अनुसार, जून में सामान्य बारिश 172.80 एमएम के मुकाबले केवल 25.16 एमएम बारिश हुई. इस तरह 147.64 एमएम कम बारिश दर्ज की गयी.
जुलाई में सामान्य 314.10 एमएम के मुकाबले 282.56 एमएम बारिश हुई, जो सामान्य से 31.56 एमएम कम रही. अगस्त में सामान्य 310.36 एमएम के मुकाबले 124.17 एमएम बारिश दर्ज की गयी. इस तरह अगस्त में 186.03 एमएम कम बारिश हुई.
जून से अगस्त तक सामान्य बारिश 797.26 एमएम होनी चाहिए थी, लेकिन इस अवधि में 431.89 एमएम ही बारिश हुई. इस तरह जिले में 365.37 एमएम कम बारिश दर्ज की गयी. लगातार उमस और कम बारिश के बाद अब भादो में हो रही बारिश से किसानों को राहत की उम्मीद जगी है.
98 प्रतिशत तक रही आर्द्रता, उमस ने किया परेशान
पूरे सावन में उमस ने लोगों को परेशान किया. आंकड़ों के अनुसार, 26 दिनों तक आर्द्रता करीब 98 प्रतिशत रही. दिन का तापमान करीब 37 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहा, लेकिन अधिक आर्द्रता के कारण लोगों को करीब 42 डिग्री जैसी गर्मी का एहसास हो रहा था. अब बारिश और तेज हवाओं के कारण मौसम में ठंडक आने से लोगों ने राहत की सांस ली है.
