Gopalganj News (मनीष राज) : बिहार में वैश्य समाज की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर वैश्य आयोग के गठन की मांग एक बार फिर तेज हो गई है. राष्ट्रीय वैश्य महासभा, बिहार के पदाधिकारियों ने कहा कि पिछले कई वर्षों से यह मांग लगातार उठाई जा रही है, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. वक्ताओं ने बताया कि राज्य में व्यवसायी वर्ग, खासकर वैश्य समाज के लोग लगातार अपराध का शिकार हो रहे हैं. सोना-चांदी, कपड़ा और अन्य दुकानों से रंगदारी वसूली, लूटपाट और यहां तक कि हत्या की घटनाएं भी सामने आ रही हैं. कई मामलों में रंगदारी नहीं देने पर अपहरण और हत्या जैसी गंभीर वारदातें भी हुई हैं, जिससे समाज में भय का माहौल बना हुआ है.महासभा के नेताओं का कहना है कि वैश्य समाज देश और प्रदेश की आर्थिक रीढ़ है.
राज्यपाल से मुलाकात करेगा वैश्य समाज का प्रतिनिधिमंडल
व्यापार और संसाधनों की उपलब्धता में इस समाज की महत्वपूर्ण भूमिका है, इसके बावजूद सरकार केवल आश्वासन दे रही है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही वैश्य आयोग का गठन नहीं किया गया तो पूरे बिहार में चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा.राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मंत्री समीर कुमार महासेठ, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. पी.के. चौधरी, महिला सेल की अध्यक्ष स्मिता पूर्वे, प्रदेश उपाध्यक्ष मोहन गुप्ता, प्रदेश महासचिव राकेश जायसवाल, युवा संगठन के प्रदेश अध्यक्ष मंजीत आनंद साहू,, प्रदेश महासचिव राजेश केशरी समेत कई नेताओं ने आयोग गठन की मांग दोहराई. वहीं गोपालगंज जिला अध्यक्ष रामाधार प्रसाद और प्रवक्ता रविरंजन प्रसाद ने कहा कि जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री और राज्यपाल से मिलकर अपनी मांग रखेगा.
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