Gopalganj News : आंधी और ओलावृष्टि से फसलों को हुआ भारी नुकसान, आज भी अलर्ट जारी

Gopalganj News : जिले में गुरुवार को तीसरी बार आयी तेज आंधी और बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया. इस बार बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई, जिससे फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचा है.

गोपालगंज. जिले में गुरुवार को तीसरी बार आयी तेज आंधी और बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया. इस बार बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई, जिससे फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचा है. हथुआ अनुमंडल के भोरे, विजयीपुर, फुलवरिया और हथुआ प्रखंडों में शाम के समय तेज हवा के साथ बारिश और ओले गिरे. कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गये और बिजली के खंभे भी गिर गये, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया.

किसानों की मेहनत पर फिरा पानी

सबसे अधिक नुकसान खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को हुआ है. सैकड़ों एकड़ में फसलें बिछ गयी या पूरी तरह से बर्बाद हो गयी. इससे किसानों की मेहनत और पूंजी पर पानी फिर गया है. स्थानीय किसानों का कहना है कि यह मौसम की मार उनके लिए बहुत बड़ा झटका है, क्योंकि कटाई का समय नजदीक था. मौसम विभाग ने शनिवार को भी तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है. ऐसे में किसानों की चिंता और बढ़ गयी है. विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है.

क्षति हुई फसलों का सर्वे करा रहा कृषि विभाग

कृषि विभाग आंधी- बारिश और ओलावृष्टि से नुकसान हुई फसलों के आकलन में जुट गया है. जिला कृषि पदाधिकारी ललन कुमार ने बताया कि फसलों की क्षति का सर्वे कराया जा रहा है और शनिवार को भी मौसम खराब रहने की संभावना को देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है. उन्होंने कहा कि 19 अप्रैल के बाद फसलों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शीघ्र ही विभाग को सौंपी जायेगी, ताकि प्रभावित किसानों को मुआवजा दिया जा सके.

भोरे के मुसहरी में पानी में सब्जी छानते दिखे लोग

भोरे. प्रखंड क्षेत्र में गुरुवार को अचानक आये आंधी-तूफान और ओलावृष्टि ने पूरे इलाके में भारी तबाही मचायी है. तेज हवा के साथ गिरे ओलों ने जहां खेतों में खड़ी फसलों को बर्बाद किया है, वहीं भारी बारिश से भी किसानों को नुकसान हुआ है. गेहूं की फसल जमीन पर गिर गयी है. सबसे ज्यादा नुकसान बगहवां मिश्र पंचायत के भोपतपुरा गांव में हुआ है, जहां गेहूं और आम की फसल शत-प्रतिशत बर्बाद हो चुकी है. कटनी में अब भारी परेशानी होगी. किसानों को खेतों की मिट्टी के सूखने का इंतजार करना पड़ेगा. कई जगह पेड़ गिर गये, जिससे रास्ते अवरुद्ध हो गये. जगह-जगह बिजली के पोल टूट गये, जिससे बिजली सप्लाइ बाधित हो गयी. जगतौली, बगहवां मिश्र, रकबा, सिसई आदि पंचायतों के कई गांवों में दूसरे दिन भी बिजली सप्लाई शुरू नहीं हो पायी है. भोरे में संचालित डीपीएस पोल्ट्री और लेयर फार्म की छत का करकट उजड़ गया, जिससे काफी क्षति पहुंची है. कई लोगों के घर के करकट भी उजड़ गये हैं. चकरवां खास में स्थित सरकारी प्राथमिक विद्यालय के भवन पर ही एक विशालकाय पेड़ गिर गया, जिससे विद्यालय के भवन को काफी नुकसान पहुंचा है. भारी बारिश से सीमावर्ती विजयीपुर प्रखंड के मुशहरी बाजार में तो सबसे खराब स्थिति हो गयी. सब्जी बाजार में तो पानी की धारा बहने लगी. इससे सब्जियां पानी में तैरने लगीं. दुकानदार बाद में सब्जियों को छानते रहे. भोरे मीरगंज सड़क पर खजुरहा में तो दूसरे दिन भी जलजमाव बना हुआ है, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है. बताया जाता है कि सड़क टूटकर पूरी तरह से बर्बाद हो गयी है. जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गये हैं. जिसमें थोड़ा-सा भी पानी होने पर जलजमाव हो जाता है. यही स्थिति हुस्सेपुर मोड तथा लामीचौर बाजार की भी है. सड़कों पर पैदल या फिर दोपहिया वाहनों से चलना मुश्किल हो गया है.

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By GURUDUTT NATH

GURUDUTT NATH is a contributor at Prabhat Khabar.

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