Gopalganj News : डीएम की जांच में ''बीमार'' मिला सदर अस्पताल, डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मियों का काटा गया वेतन

Gopalganj News : डीएम पवन कुमार सिन्हा गुरुवार को सदर अस्पताल की जांच करने अचानक पहुंच गये. उनके साथ प्रशासनिक अधिकारियों की पूरी टीम थी.

गोपालगंज. डीएम पवन कुमार सिन्हा गुरुवार को सदर अस्पताल की जांच करने अचानक पहुंच गये. उनके साथ प्रशासनिक अधिकारियों की पूरी टीम थी. डीएम की जांच में सदर अस्पताल बीमार मिला. छह से अधिक डॉक्टरों, एक दर्जन से अधिक जीएनएम पर तत्काल कार्रवाई करते हुए जवाब तलब किया गया. एक दिन का वेतन भी काटा गया.

दवा स्टॉक का एक माह का लेखा-जोखा तक नहीं मिला

इतना ही नहीं दवा स्टाॅक का एक माह का लेखा-जोखा तक डीएम को नहीं मिला. दवा वितरण पंजी को एक माह से अपडेट नहीं किया गया था. इमरजेंसी वार्ड में जाने वाली दवा पंजी भी खाली मिली. इसके अलावा कई डॉक्टरों का एक सप्ताह से लेकर दो-चार दिन की उपस्थिति तक पंजी में दर्ज नहीं थी. उनको उस अवधि में अनुपस्थित करते हुए शो-कॉज किया गया. पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न 2:30 बजे तक अस्पताल के एक-एक वार्ड की जांच की गयी. जहां अधिकारियों की नजर पड़ी, वहीं गड़बड़ी मिली. बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की संभावना को देखते हुए डीएम ने कड़ी कार्रवाई करने का आदेश दिया. एक दिन का वेतन भी काटा गया. वहीं सीएस बीरेंद्र प्रसाद ने हेल्थ मैनेजर के वेतन को काटने का आदेश दिया.

अधिकारियों ने खंगाला अस्पताल का कोना-कोना

डीएम के साथ जांच करने पहुंचे अपर समाहर्ता राजस्व राजेश्वरी पांडेय, एडीएम आपदा शादुल हसन खां व अन्य अधिकारियों ने जन औषधि केंद्र, दवा स्टोर, इमरजेंसी, प्रसव वार्ड, दवा वितरण केंद्र, पैथोलॉजी और आपातकालीन कक्ष में मौजूद कर्मियों की स्थिति की गहन जांच की. जांच के दौरान अस्पताल में हड़कंप का माहौल बना रहा. अस्पताल का कोना- कोना जांचा गया. चार घंटे तक चले इस जांच में व्यापक अनियमितता की बू मिली.

अस्पताल की वृहत जांच के लिए हाइलेवल कमेटी गठित

डीएम ने जांच के बाद पत्रकारों को बताया कि अस्पताल की जांच में बहुत-सी कमियों को पाया गया है. इसमें सुधार की चेतावनी दी गयी है. अस्पताल की वृहत जांच की जरूरत को देखते हुए एक हाइलेवल कमेटी का गठन किया जा रहा. कमेटी गंभीरता से एक-एक तथ्यों की जांच करेगी. जांच में गड़बड़ी सामने आने पर त्वरित कार्रवाई की जायेगी.

मरीजों को उचित इलाज नहीं मिलना गंभीर बात

अस्पताल में तैनात डॉक्टरों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति में सिविल सर्जन वीरेंद्र प्रसाद व अस्पताल प्रबंधन को निर्देश देते हुए कहा कि मरीजों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए. अस्पताल में आने वाले गरीब और जरूरतमंद मरीजों को हर हाल में बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है. सरकारी अस्पताल में गरीब व जरूरतमंद लोग ही आते हैं. उनको इलाज नहीं मिले, तो फिर कोई मतलब नहीं है.

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Author: GURUDUTT NATH

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