Gopalganj News : वीर सपूत राजू साह का सैन्य सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार, रो पड़ा पूरा गांव

Gopalganj News : कमलकांत कररिया गांव के वीर सपूत और भारतीय वायु सेना के जूनियर वारंट ऑफिसर राजू साह (42 वर्ष) का रविवार को पूरे सैन्य सम्मान और गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया.

फुलवरिया. कमलकांत कररिया गांव के वीर सपूत और भारतीय वायु सेना के जूनियर वारंट ऑफिसर राजू साह (42 वर्ष) का रविवार को पूरे सैन्य सम्मान और गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया. शनिवार को पटना जिले के बिहटा एयरफोर्स स्टेशन में ड्यूटी के बाद लौटते समय हुई बाइक दुर्घटना में उनकी मौत हो गयी थी.

बचपन से ही अनुशासन और देश सेवा की भावना थी राजू साह में

इस घटना से गांव सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गयी. पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, राजू साह का जन्म इसी गांव में हुआ था. वे स्वर्गीय मोतीलाल साह के बड़े पुत्र थे. बचपन से ही उनमें अनुशासन और देश सेवा की भावना थी. भारतीय वायु सेना में 20 वर्ष से अधिक सेवा के दौरान उन्होंने कई अहम जिम्मेदारियां निभायीं. गांव में उनकी पहचान न केवल एक सच्चे सैनिक के रूप में, बल्कि मिलनसार, मददगार और बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करने वाले व्यक्ति के रूप में थी. छुट्टी में वे हर बुजुर्ग का हाल-चाल पूछते थे.

तिरंगे के साये में दी विदाई, 33 राउंड फायरिंग कर दी अंतिम सलामी

रविवार अपराह्न जब उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, तो माहौल गमगीन हो गया. हर उम्र के लोग उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए उमड़ पड़े. ग्रामीणों ने हाथों में तिरंगा थामकर “भारत माता की जय ” के नारों के बीच शवयात्रा में भाग लिया. भारतीय वायु सेना की 55 सदस्यीय टुकड़ी, जिसका नेतृत्व वारंट ऑफिसर एमए अंसारी कर रहे थे, विशेष रूप से बिहटा से पहुंची और पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम सलामी दी. जवानों ने 33 राउंड फायरिंग कर अपने साथी को श्रद्धांजलि अर्पित की. यह दृश्य देखकर हर किसी की आंखें नम हो गयीं.

बड़े बेटे ने दी मुखाग्नि, मां के गले लग रोता रहा छोटा बेटा

अंतिम संस्कार के दौरान बड़े बेटे प्रत्यूष साह ने पिता को मुखाग्नि दी, जबकि छोटा बेटा परांकित साह मां प्रीति साह के गले लगकर रोता रहा. पत्नी प्रीति साह, जो कोलकाता हाइकोर्ट में वकील हैं, गहरे गम में डूबी थीं. अब पूरे परिवार की जिम्मेदारी बड़े भाई कमलेश साह के कंधों पर आ गयी है. अंतिम संस्कार में पुलिस प्रशासन, वायु सेना के अधिकारी, हथुआ विधायक राजेश सिंह कुशवाहा, पूर्व मंत्री रामसेवक सिंह, मुखिया प्रतिनिधि फिरोज अंसारी, समाजसेवी अभिलाष पांडेय सहित आसपास के सैकड़ों गांवों के लोग मौजूद रहे. सभी ने परिवार को हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया. गांव और क्षेत्र के लोगों का कहना था कि राजू साह की कमी को कोई पूरा नहीं कर सकता, लेकिन उनकी देश सेवा और बलिदान की यादें हमेशा दिलों में जीवित रहेंगी. उनकी विदाई ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि वर्दी में देश की रक्षा करने वाले जवान सिर्फ अपने परिवार के नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के बेटे होते हैं. उनके जाने से जो खालीपन आया है, वह लंबे समय तक महसूस किया जायेगा.

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By GURUDUTT NATH

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