Gopalganj News: क्लास से गायब मिले गुरुजी तो खैर नहीं! 'BEST' ऐप से होगी सीधी निगरानी

Gopalganj News: गोपालगंज जिले में सरकारी स्कूलों की अब खैर नहीं, BEST' ऐप से होगी सीधी निगरानी, क्लास से गायब मिले गुरुजी तो होगी करवाई पढ़िए पूरी खबर

Gopalganj News: (विकास दुबे ) गोपालगंज के सरकारी स्कूलों की निगरानी पूरी तरह तकनीक के सहारे होगी. शिक्षा विभाग ने 21 मई से जिले के सभी प्रारंभिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों का निरीक्षण बिहार इजी स्कूल ट्रैकिंग प्लस यानी बेस्ट मोबाइल ऐप के माध्यम से कराने का निर्णय लिया है. इस व्यवस्था के लागू होने के बाद स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति, शिक्षकों की मौजूदगी, विद्यालय समय पर खुलने और बंद होने, साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पर रियल टाइम नजर पर रखी जाएगी.

विद्यालयों का निरीक्षण करना अनिवार्य

शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेंद्र के निर्देश पर जिला शिक्षा पदाधिकारी योगेश कुमार ने बताया कि अब हर माह तय संख्या में स्कूलों का करना होगा निरीक्षण. निर्देश में ये भी बताया गया है कि नई व्यवस्था के तहत जिला शिक्षा पदाधिकारी, सभी विभाग के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, कार्यक्रम पदाधिकारी, अपर जिला कार्यक्रम समन्वयक, सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को प्रत्येक माह निर्धारित संख्या में विद्यालयों का निरीक्षण करना अनिवार्य होगा. बताया गया है कि जिला शिक्षा पदाधिकारी को हर महीने कम से कम आठ प्राथमिक तथा तीन माध्यमिक या उच्च माध्यमिक विद्यालयों का निरीक्षण करना होगा. अन्य अधिकारियों के लिए भी अलग-अलग लक्ष्य तय किए गए हैं. विद्यालयों का निरीक्षण बुधवार और शनिवार को अनिवार्य रूप से किया जाएगा. आवश्यकता पड़ने पर अन्य दिनों में भी जांच की जा सकेगी. निरीक्षण की पूरी रिपोर्ट बेस्ट ऐप के माध्यम से सीधे इ-शिक्षाकोष पोर्टल पर अपलोड होगी, जिसकी समीक्षा जिला और राज्य स्तर पर की जाएगी.

स्कूल समय पर नहीं खुला तो प्रधानाध्यापक होंगे जिम्मेदार

यदि निरीक्षण के दौरान कोई विद्यालय निर्धारित समय पर नहीं खुला या समय से पहले बंद पाया गया, तो संबंधित प्रधानाध्यापक या प्रधान शिक्षक को इसके लिए जिम्मेदार माना जाएगा और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी.
यदि किसी विद्यालय में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति 60 प्रतिशत से कम पाई जाती है, तो प्रधानाध्यापक और शिक्षक अभिभावकों से संपर्क कर बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे. विभाग ने विद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति 75 प्रतिशत से अधिक बनाए रखने पर विशेष जोर दिया है.


शिक्षक बिना सूचना अनुपस्थित मिले तो उसी दिन रुकेगा वेतन

निरीक्षण के दौरान यदि कोई शिक्षक या प्रधानाध्यापक बिना सूचना अनुपस्थित पाया जाता है, या ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने के बावजूद विद्यालय में मौजूद नहीं मिलता है, तो उसे उपस्थिति पंजी में अनुपस्थित दर्ज किया जाएगा और उस दिन का वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया जाएगा. प्रारंभिक विद्यालयों के मामलों में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) तथा माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के मामलों में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (माध्यमिक शिक्षा) संबंधित कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगेंगे. जवाब संतोषजनक नहीं होने पर अनुपस्थिति अवधि का वेतन स्थायी रूप से काट दिया जाएगा.

इ-शिक्षाकोष के यूजर आइडी से चलेगा ऐप

बेस्ट ऐप का उपयोग इ-शिक्षाकोष के उसी यूजर आइ-डी और पासवर्ड से किया जाएगा, जिसका उपयोग पहले से किया जा रहा है. गूगल प्ले स्टोर से इ-शिक्षाकोष ऐप डाउनलोड कर उसमें बेस्ट ऑब्जर्वेशन विकल्प के माध्यम से निरीक्षण किया जाएगा. अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल निगरानी से स्कूलों की व्यवस्था मजबूत होगी और बच्चों की पढ़ाई पर सकारात्मक असर पड़ेगा.

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लेखक के बारे में

Published by: Vivek Ranjan

विवेक रंजन टीवी चैनल के माध्यम से पिछले 6 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हूं . करियर की शुरुआत Network 10 से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहा हूं. देश और राज्य की राजनीति, कृषि और शिक्षा में रुचि रखते हैं.

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