Gopalganj News: महेंद्र दास कॉलेज में करोड़ों का अनुदान घोटाला, हाई-लेवल जांच, प्राचार्य नहीं दे सकीं हिसाब!

Gopalganj News:गोपालगंज जिले के महेंद्र दास इंटर कॉलेज नेचुआ जलालपुर में हुए घोटाले की जांच तेज पढिए पूरी खबर नीचे...

Gopalganj News: (विकाश दुबे) गोपालगंज जिले के महेंद्र दास इंटर कॉलेज नेचुआ जलालपुर में हुए अनुदान घोटाले की जांच के लिए पहुंची शिक्षा विभाग के जांच टीम के समक्ष प्राचार्य निभा तिवारी ने कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं करा सकी. जांच टीम के अधिकारी एमडीएम के डीपीओ ब्रजेश कुमार पाल, डीपीओ माध्यमिक शिक्षा प्रवीण कुमार प्रभात ने एक करोड़ के अनुदान में घोटाला के संबंध में उनका साक्ष्य मांगे, प्राचार्य ने जांच टीम से बताया कि कॉलेज से संबंधित सभी अभिलेख लिपिक बिरेन्द्र रॉय के पास हैं.

जांच की कार्रवाई शुरू

किन्तु, उनकी मां की तबियत खराब होने के कारण वे उपस्थित नहीं हो सके. प्राचार्य द्वारा न तो कोई लिखित पक्ष प्रस्तुत किया गया और न ही किसी अभिलेख,साक्ष्य का अवलोकन कराया गया. अभी जांच की कार्रवाई शुरू ही हुआ था कि प्राचार्य निभा तिवारी के कथित भाई राजीव मिश्रा के द्वारा जांच के दौरान बाहर खड़ा होकर देख रहे डिग्री कॉलेज के कुछ कर्मियों को देख डांटने लगे. इस पर शिक्षक व कर्मी भड़क उठे. राजीव मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाते हुए संस्था को बर्बाद कर देने की बात कही. शिक्षकों व कर्मियों ने जांच टीम से कहा कि जांच को सार्वजनिक रूप से किया जाये. जिससे निष्पक्षता बनी रहे. स्थिति के गरमाते देख जांच टीम वापस लौट आई.

प्राचार्य को मिला अंतिम मौका

जिससे जांच की प्रक्रिया अधूरी रह गई. जांच टीम के अधिकारी माध्यमिक शिक्षा के डीपीओ प्रवीण कुमार प्रभात ने प्राचार्य को अंतिम अवसर देते हुए 15. मई की सुबह शिक्षा विभाग में 11:00 बजे कार्यालय प्रकोष्ठ में जांच के लिए उपस्थित होने का आदेश दिया है. कॉलेज के संचालन संबंधी सभी प्रशासनिक एवं वित्तीय अभिलेख तथा अपने लिखित पक्ष के साथ उपस्थित होना सुनिश्चित करें. अन्यथा, जांच समिति को अग्रेत्तर कार्यवाही का अनुशंसा करना बाध्यकारी होगा. शिकायतकर्ताओं को भी जांच के दौरान साक्ष्य के साथ उपस्थित रहने का आदेश जारी किया है.

जांच टीम के समक्ष शिक्षकों ने खोला कच्चा चिठा

महेंद्र दास महिला कॉलेज में जांच टीम के सामने शिक्षक अमितेश कुमार श्रीवास्तव एवं अन्य शिक्षकों तथा अनिता कुमारी द्वारा वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया गया. उस संबंध में पुख्ता साक्ष्य देते हुए घोटाले की कच्चा- चिठ्ठा खेल दिया.

डीएम के आदेश पर हो रही हाइलेबल जांच

महेंद्र दास इंटर कॉलेज के प्राचार्य अपने कथित भाई राजीव मिश्रा से सभी शिक्षकों के साथ डरा- धमका कर अनुदान की राशि लौटवाया गया है. कॉलेज में कार्यरत शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मियों के मद में सत्र 2015-17 एवं 2016-18 के लिए बिहार सरकार एवं बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा दिनांक 06 दिसंबर 2025 को महाविद्यालय के खाते में आरटीजीएस के माध्यम से एक करोड़ रुपये भेजे गये थे. उसके बाद प्राचार्य ने अपने कथित भाई के साथ कर्मियों को डरा-धमकाकर, सादे कागज पर हस्ताक्षर कराकर, केस में फंसाने तथा कॉलेज से बर्खास्त करने की धमकी देकर चेक के माध्यम से भुगतान किया गया तथा दी गयी राशि का आधा हिस्सा किसी न किसी माध्यम से वापस वसूल लिया गया. डीएम पवन कुमार सिन्हा के आदेश पर मामले की हाइलेबल जांच शुरू हो गयी है.

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Published by: Vivek Ranjan

विवेक रंजन टीवी चैनल के माध्यम से पिछले 6 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हूं . करियर की शुरुआत Network 10 से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहा हूं. देश और राज्य की राजनीति, कृषि और शिक्षा में रुचि रखते हैं.

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