Iran War: अमेरिका, इजराइल, ईरान के बीच युद्ध के दौरान दुबई में उड़ते जहाज में मोबाइल से तस्वीर लेने के मामले में वहां की कोर्ट ने गुरुवार को गाेपालगंज के युवक को 10 वर्ष की सजा सुनायी है. सजा पाने वाला युवक नगर थाने के रफी इंद्रवां गांव के अमिरूल मियां के बेटे वसीम अकरम हैं. वह दुबई में मजदूरी करने के लिए गया था. जुमे की नमाज पढ़ने के दौरान पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर रासल खेमा रम्स पुलिस स्टेशन रोड के जेल में रखा गया था. तीन माह में परिजनों को उसका कोई पता नहीं चल पा रहा था. सजा होने के साथ ही परिजनों को पता चला, तो उनका होश उड़ गये.
गृह विभाग के पास पीड़ित की फरियाद को भेजा
परिजनों ने आनन-फानन में परिजनों ने डीएम पवन कुमार सिन्हा के पास पहुंचकर अपने बेटे को मुक्त कराने की अपील की है. डीएम ने मामले को गंभीरता से लेकर गृह विभाग को रिपोर्ट भेजने का आदेश दिया है. डीएम ने कहा कि गृह विभाग के पास पीड़ित की फरियाद को भेजा जा रहा है. सरकार के स्तर से पहल होने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है. युवक की मां शायदा खातून ने बताया कि मेरा पुत्र वसीम अकरम मजदूरी (लेबर) के काम के लिए दुबई में रह रहा है.
वसीम अकरम के दो छोटे बच्चे हैं
परिवार की रोजमर्रा की जरूरतें उसी की आमदनी पर निर्भर था. परिवार में माता-पिता, बहन, पत्नी सलमा खातून और दो नाबालिग बच्चे हैं. परिवार के पास कोई अन्य आमदनी नहीं है. बिलकुल सादा-साधा है और जहाज की फोटो लेने में कोई कानूनी उल्लंघन नहीं है. हमारी पारिवारिक स्थिति बहुत कमजोर है.
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