गोपालगंज में निगरानी बढ़ी, डीईओ ने दिए निर्देश, कोचिंग पढ़ाने वाले शिक्षकों पर होगी कार्रवाई

Gopalganj News : गोपालगंज शिक्षा विभाग आदेश: सरकारी शिक्षक कोचिंग पढ़ाते मिले तो होगी कार्रवाई.

गोपालगंज से विकास दुबे की रिपोर्ट
Gopalganj News : गोपालगंज के सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और शिक्षकों की जवाबदेही तय करने के लिए शिक्षा विभाग ने बड़ा फैसला लिया है. अब सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षक यदि किसी कोचिंग संस्थान, निजी ट्यूशन सेंटर या अन्य व्यावसायिक शिक्षण संस्थानों में पढ़ाते हुए पाये जाते हैं, तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जायेगी. शिक्षा विभाग ने इसे शिक्षक आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए शिक्षकों पर सख्त निगरानी रखने का निर्देश दिया है. विभाग के इस आदेश के बाद जिले में भी सरकारी शिक्षकों की गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जायेगी. जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) योगेश कुमार ने बताया कि विभागीय निर्देश प्राप्त होने के बाद जिले के सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जायेगा कि कोई भी सरकारी शिक्षक विद्यालय परिसर के अंदर या बाहर किसी भी प्रकार के कोचिंग, निजी ट्यूशन अथवा व्यावसायिक शिक्षण संस्थान में शिक्षण कार्य न करे.

विद्यालय की पढ़ाई प्रभावित होने पर विभाग सख्त

शिक्षा विभाग का मानना है कि सरकारी विद्यालयों में पढ़ाने वाले कुछ शिक्षक यदि निजी कोचिंग और ट्यूशन में अधिक समय देने लगते हैं, तो इसका सीधा असर विद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों की पढ़ाई पर पड़ता है. ऐसे में बच्चों के शैक्षणिक हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि शिक्षकों को अपनी पूरी ऊर्जा और समय विद्यालयी शिक्षण कार्य में लगाना होगा. माध्यमिक शिक्षा निदेशक सज्जन आर. द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि राज्य सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में बड़ी संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति की है. अधिकांश विद्यालयों में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध हैं और शिक्षण गुणवत्ता में सुधार के लिए लगातार प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किये जा रहे हैं. ऐसे में शिक्षकों की पहली जिम्मेदारी विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है.

कोचिंग और ट्यूशन को आचार संहिता का उल्लंघन माना गया

विभागीय आदेश में कहा गया है कि यदि शिक्षक विद्यालयी दायित्वों के अलावा निजी कोचिंग, ट्यूशन या व्यावसायिक शिक्षण संस्थानों में पढ़ाने लगते हैं, तो उनकी कार्यक्षमता और समय दोनों प्रभावित होते हैं. इसका असर विद्यालयी शिक्षा पर पड़ता है और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है. इसी कारण विभाग ने इसे शिक्षक आचार संहिता के विपरीत माना है.

शिकायत पर होगी जांच, दोषी मिले तो तय है कार्रवाई

डीईओ योगेश कुमार ने कहा कि यदि किसी शिक्षक के कोचिंग या निजी ट्यूशन से जुड़े होने की शिकायत मिलती है, तो उसकी जांच करायी जायेगी. जांच में आरोप सही पाये जाने पर संबंधित शिक्षक के खिलाफ विभागीय नियमों के तहत कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही या नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जायेगी. उन्होंने कहा कि विभाग इस आदेश के अनुपालन की नियमित समीक्षा करेगा और आवश्यकता पड़ने पर विशेष जांच भी करायी जायेगी. सभी शिक्षकों को निर्देश दिया गया है कि वे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपने विद्यालय में शिक्षण कार्य करें.

शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में अहम पहल

शिक्षा विभाग का मानना है कि जब शिक्षक पूरी तरह विद्यालयी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करेंगे, तो छात्रों की सीखने की क्षमता में सुधार होगा, स्कूलों का शैक्षणिक माहौल बेहतर बनेगा और परीक्षा परिणामों में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा. विभाग की कोशिश है कि सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके.

क्या बोले डीईओ

“सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना शिक्षकों की प्राथमिक जिम्मेदारी है. किसी भी सरकारी शिक्षक के कोचिंग या निजी ट्यूशन में संलिप्त होने की शिकायत मिलने पर जांच करायी जायेगी और दोषी पाये जाने पर विभागीय कार्रवाई की जायेगी. बच्चों की पढ़ाई से समझौता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जायेगा”-योगेश कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी.

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