Gopalganj News (सुरेश कुमार राय) : ऊर्जा के लिए गहराए वैश्विक संकट का असर अब ग्रामीण इलाकों में भी दिख रहा, आलम ये है कि यूपी और बिहार की सीमा पर स्थित सभी पेट्रोल पंप ड्राई हो गए हैं. भोरे प्रखंड के सभी सातों पेट्रोल पंपों पर डीजल की आपूर्ति पूरी तरह चरमरा गई है. अधिकांश पंपों पर ‘नो स्टॉक’ का बोर्ड लटक रहा है, वहीं जहां थोड़ा-बहुत पेट्रोल बचा भी है, वहां राशनिंग (सीमित मात्रा) के तहत बिक्री की जा रही है.
वाहन चालकों को मिल रहा है सीमित तेल
ईंधन की किल्लत का असर सिर्फ खेती पर ही नहीं, बल्कि आम जनजीवन पर भी दिख रहा है. पंपों पर मोटरसाइकिल चालकों को मात्र 100 से 200 रुपये और चारपहिया वाहनों को अधिकतम 500 रुपये का ही पेट्रोल दिया जा रहा है. इससे रोजमर्रा के काम से निकलने वाले लोगों और नौकरीपेशा वर्ग को भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है.
दमकिया सिसई में तीन दिनों से खत्म डीजल
दमकिया सिसई स्थित रविंदु पेट्रोलियम के कर्मियों ने बताया कि पिछले तीन दिनों से उनके यहां डीजल का स्टॉक पूरी तरह शून्य है. डिपो से आपूर्ति ठप होने के कारण अगले दो दिनों तक भी डीजल मिलने की उम्मीद बेहद कम है. यही स्थिति प्रखंड के अन्य छह पंपों की भी है.
यूपी सीमा पर भी बुरा हाल
भोरे प्रखंड उत्तर प्रदेश की सीमा से सटा हुआ है. अमूमन बिहार में तेल संकट होने पर लोग सीमा पार के पंपों का रुख करते थे, लेकिन इस बार यूपी के सीमावर्ती इलाकों में भी कमोबेश यही स्थिति बनी हुई है. वहाँ के पंपों पर भी डीजल की भारी किल्लत है. स्थानीय किसानों और जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि कंपनियों से बात कर अविलंब डीजल की आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाए, ताकि आमलोगों को परेशानी से बचाया जा सके.
Also Read : Gopalganj News : RBI की पहल पर बैंक स्टाफ को मिला प्रशिक्षण, नोट विनिमय प्रक्रिया पर दी गई जानकारी
