980 शिक्षक सीखेंगे नई तकनीक, गोपालगंज में शिक्षा सुधार की बड़ी पहल, पांच दिन तक चलेगा आवासीय प्रशिक्षण

Gopalganj News : गोपालगंज में 980 शिक्षकों का पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शुरू, शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार पर जोर.

गोपालगंज से विकास दुबे की रिपोर्ट
Gopalganj News : गोपालगंज जिले के सरकारी विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता को नई दिशा देने की तैयारी शुरू हो गयी है. सोमवार से जिले के 980 शिक्षक पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण में शामिल होंगे. बिहार शिक्षा परियोजना के तत्वावधान में आयोजित यह प्रशिक्षण 15 जून से 19 जून तक विभिन्न प्रशिक्षण केंद्रों पर चलेगा. प्रशिक्षण में कक्षा तीन से आठ तक के शिक्षक भाग लेंगे. शिक्षकों को नई शिक्षण तकनीकों, बच्चों के सीखने के स्तर में सुधार और कक्षा संचालन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जायेगा. शिक्षा विभाग की ओर से जारी निर्देश में बताया गया है कि यह प्रशिक्षण पूरी तरह आवासीय होगा. सभी प्रतिभागियों को निर्धारित अवधि तक प्रशिक्षण केंद्रों में रहना होगा और विभाग द्वारा तय नियमों का पालन करना होगा. प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को केवल पाठ्यक्रम आधारित शिक्षण ही नहीं, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास, गतिविधि आधारित पढ़ाई, भाषा और गणितीय दक्षता बढ़ाने तथा विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक माहौल तैयार करने के गुर भी सिखाये जायेंगे.

चार प्रशिक्षण केंद्रों पर पहुंचेगे शिक्षक

जिले के कुल 980 शिक्षकों को अलग-अलग प्रशिक्षण संस्थानों में भेजा गया है. कक्षा तीन से पांच तक के 460 शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जायेगा. इनमें 200 शिक्षक पीटीइसी बंगरा छपरा तथा 260 शिक्षक सीटीइ सारण में प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे. वहीं कक्षा छह से आठ तक के 520 शिक्षकों में 260 शिक्षक डायट थावे और 260 शिक्षक डायट सोनपुर सारण में प्रशिक्षण लेंगे. विभाग ने सभी शिक्षकों को निर्देश दिया है कि वे प्रशिक्षण शुरू होने से एक दिन पहले यानी 14 जून की शाम तक अपने-अपने प्रशिक्षण केंद्रों पर पहुंचकर उपस्थिति सुनिश्चित कर लें. प्रशिक्षण के पहले दिन से ही उपस्थिति और अनुशासन की निगरानी की जायेगी.

सुबह 5:30 बजे से शुरू होगी दिनचर्या

आवासीय प्रशिक्षण के लिए विस्तृत दैनिक कार्यक्रम तैयार किया गया है. प्रत्येक दिन की शुरुआत सुबह 5:30 बजे योग और शारीरिक प्रशिक्षण (पीटी) से होगी. इसके बाद नाश्ते और अन्य गतिविधियों के पश्चात सुबह 8:30 बजे से शैक्षणिक सत्र शुरू होंगे, जो शाम 7:30 बजे तक चलेंगे. दिनभर विभिन्न विषय विशेषज्ञ और प्रशिक्षक शिक्षकों को नई शिक्षण पद्धतियों की जानकारी देंगे. प्रशिक्षण के दौरान ड्रेस कोड भी लागू रहेगा. योग और पीटी के समय ट्रैक सूट एवं स्पोर्ट्स शू पहनना अनिवार्य होगा, जबकि प्रशिक्षण सत्रों में निर्धारित औपचारिक पोशाक में ही भाग लेना होगा.

बायोमेट्रिक उपस्थिति के साथ होगी निगरानी

प्रशिक्षण में शामिल सभी शिक्षकों की उपस्थिति बायोमेट्रिक प्रणाली के माध्यम से दर्ज की जायेगी. इसके साथ ही प्रत्येक शिक्षक को अपना पहचान पत्र हर समय साथ रखना होगा. विभागीय अधिकारियों के अनुसार प्रशिक्षण की गुणवत्ता और गंभीरता बनाये रखने के लिए उपस्थिति पर विशेष नजर रखी जायेगी. मोबाइल फोन के उपयोग को लेकर भी सख्त दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं. प्रशिक्षण सत्र, योग कार्यक्रम या अन्य गतिविधियों की फोटो अथवा वीडियो बनाने की अनुमति नहीं होगी. अधिकारियों का कहना है कि प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों का पूरा ध्यान सीखने और सहभागिता पर केंद्रित रहे, इसलिए यह व्यवस्था लागू की गयी है.

निजी वाहन और बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कहा है कि प्रशिक्षण अवधि के दौरान सामान्य परिस्थितियों में किसी भी प्रकार का अवकाश स्वीकृत नहीं किया जायेगा. केवल विशेष और अत्यंत आवश्यक परिस्थितियों में सक्षम अधिकारी की अनुमति मिलने पर ही छुट्टी दी जा सकेगी. इसके अलावा प्रशिक्षण केंद्रों में निजी वाहन ले जाने पर भी रोक लगायी गयी है. किसी भी शिक्षक के साथ परिवार का सदस्य या अन्य व्यक्ति प्रशिक्षण परिसर अथवा हॉस्टल में नहीं रह सकेगा. विभाग ने प्रशिक्षण केंद्रों को पूरी तरह अनुशासित और शैक्षणिक वातावरण वाला परिसर बनाये रखने के निर्देश दिये हैं.

नशामुक्त परिसर और रात में आवाजाही पर रहेगी प्रतिबंध

प्रशिक्षण केंद्रों को नशामुक्त क्षेत्र घोषित किया गया है. परिसर में तंबाकू, गुटखा, सिगरेट सहित किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों के सेवन और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा. नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है. वहीं सुरक्षा और अनुशासन के मद्देनजर रात 10 बजे के बाद परिसर में अनावश्यक आवाजाही की अनुमति नहीं होगी. सभी प्रतिभागियों को रात 10:30 बजे तक हॉस्टल में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करनी होगी. शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षकों की शैक्षणिक और व्यावसायिक दक्षता को मजबूत किया जायेगा. इसका सीधा लाभ सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को मिलेगा और विद्यालयों में पढ़ाई की गुणवत्ता में अपेक्षित सुधार देखने को मिलेगा.

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By Yuvraj Ratan

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प्राथमिक शिक्षा संत जेवियर्स हाई स्कूल, पटना से पूरी करने के बाद संत जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नॉलजी से बैचलर्स ऑफ मास कम्यूनिकेशन से स्नातक किया हूं. 2020 से पटना स्थित मीडिया संस्थान न्यूज 4 नेशन में एंकर सह प्रोड्यूसर के पद पर डेढ़ वर्षों तक काम किया. इसके उपरांत जून 2022 से इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमिटी (I-PAC) में सीनियर एग्जीक्यूटिव के पद पर रहते हुए डिजिटल कम्यूनिकेशन टीम में कार्य करने का मौका मिला. वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर के पद पर हूं इसके माध्यम से नागरिकों के पास तथ्यात्मक और सही सूचनाएँ, खबर और अपडेट देने का कार्य कर रहा हूं.

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