Gopalganj News (संजय कुमार अभय): पुलिस एनकाउंटर में गिरफ्तार किए गए 50 हजार रुपये के इनामी मोस्ट वांटेड अपराधी आकाश कुमार सिंह के शागिर्दों और मददगारों की तलाश में जिला पुलिस ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. राजस्थान से गिरफ्तारी और फिर सुंदरपट्टी में हुए एनकाउंटर के बाद, कड़ाई से की गई पूछताछ में आकाश ने अपने गैंग के कई सक्रिय गुर्गों और उन्हें पनाह देने वाले रसूखदार संरक्षणकर्ताओं के नामों का बड़ा खुलासा किया है. आकाश के इस कबूलनामे के बाद पुलिस के वरीय अधिकारी पूरी तरह एक्शन मोड में आ गए हैं. पुलिस की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से जिले के कई सफेदपोशों और अपराधियों के मददगारों की नींद हराम हो गई है और वे गिरफ्तारी के डर से भूमिगत हो गए हैं.
वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में बनी SIT, मीरगंज से लेकर कुचायकोट तक दबिश
मोस्ट वांटेड के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए पुलिस की एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है. इस विशेष अभियान में नगर इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार प्रभाकर, थावे थानाध्यक्ष विभा कुमारी, सब-इंस्पेक्टर संदीप कुमार, एएसआइ मंकेश्वर महतो, नीरज पांडेय सहित जिला आसूचना इकाई (DIU) और क्विक रिस्पांस टीम (QRT) के सशस्त्र जवान चौबीसों घंटे छापेमारी कर रहे हैं. पुलिस की रडार पर आए शागिर्दों के संभावित ठिकानों को खंगालने के लिए मीरगंज, थावे, गोपालगंज नगर और कुचायकोट थाना क्षेत्रों में ताबड़तोड़ दबिश दी जा रही है. वरीय अधिकारियों का मानना है कि इन शागिर्दों की गिरफ्तारी के बाद जिले में हाल के दिनों में हुई कई अन्य वारदातों का भी बड़ा खुलासा हो सकता है.
हथियार बरामदगी के दौरान पुलिस पर ही झोंक दिया था फायर, जवाबी कार्रवाई में लगी थी गोली
गौरतलब है कि गोपालगंज पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस के आधार पर कुख्यात आकाश को राजस्थान के भिवाड़ी से गिरफ्तार किया था. इसके बाद 29 मई की सुबह करीब 4:30 बजे पुलिस टीम उसे लेकर नगर थाना क्षेत्र के सुंदरपट्टी ब्रह्मस्थान के पास छुपा कर रखे गए हथियारों को बरामद करने पहुंची थी. इसी दौरान शातिर आकाश ने पुलिस को चकमा देकर गुमराह करने की कोशिश की और पेड़ की जड़ में पहले से छिपाकर रखी लोडेड पिस्टल निकालकर पुलिस टीम पर ही सीधे फायरिंग कर दी. इस हमले में पुलिसकर्मी तो बाल-बाल बच गए, लेकिन अपराधियों की एक गोली सीधे सरकारी वाहन में जा धंसी. इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें आकाश के दोनों पैरों में गोली लगी. पुलिस ने मौके से एक देशी पिस्तौल, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा बरामद किया था.
करोड़पति बनने की चाहत में सात राज्यों में बदला ठिकाना, दर्ज हैं 12 गंभीर मामले
थावे थाना क्षेत्र के बढ़ई हाता गांव निवासी मनोज सिंह का 18 वर्षीय पुत्र आकाश सिंह अपराध की दुनिया का बेताज बादशाह बनने का ख्वाब देख रहा था. बहुत कम समय में करोड़पति बनने की चाहत में उसने अपना एक बड़ा गिरोह खड़ा कर लिया था. पुलिस की पकड़ से बचने के लिए वह लगातार दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में अपने ठिकाने बदल-बदल कर छिप रहा था. पुलिस रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला है कि इस कम उम्र के अपराधी के खिलाफ हत्या, सरेराह लूट, व्यवसायियों से रंगदारी, आर्म्स एक्ट, जानलेवा मारपीट और अंधाधुंध गोलीबारी जैसे संगीन आरोपों के तहत कुल 12 आपराधिक मामले विभिन्न थानों में दर्ज हैं.
कड़ी सुरक्षा के बीच PMCH में हुआ ऑपरेशन, हालत स्थिर
एनकाउंटर में गंभीर रूप से घायल होने के बाद सदर अस्पताल में प्राथमिक उपचार कर उसे बेहतर इलाज के लिए पटना के पीएमसीएच (PMCH) रेफर किया गया था. वर्तमान में पुलिस की सख्त सुरक्षा घेरे के बीच पीएमसीएच में उसका इलाज चल रहा है, जहां डॉक्टरों की टीम ने उसके पैरों का सफल ऑपरेशन किया है. फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है. इधर, गोपालगंज पुलिस के आला अधिकारी रणनीतिक कारणों से अभी इस पूरे मामले और संरक्षणकर्ताओं के नामों को सार्वजनिक करने से पूरी तरह परहेज कर रहे हैं, लेकिन अंदरूनी तौर पर तस्करों और लाइनरों के खिलाफ चक्रव्यूह तैयार कर लिया गया है.
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