Gopalganj News : मरीज की मौत के बाद डॉक्टरों ने लिख दी सीटी स्कैन जांच, परिजनों ने किया हंगामा

Gopalganj News : मॉडल सदर अस्पताल में सोमवार की रात मरीजों ने जमकर हंगामा किया और स्वास्थ्यकर्मियों से नोकझोंक की.

गोपालगंज. मॉडल सदर अस्पताल में सोमवार की रात मरीजों ने जमकर हंगामा किया और स्वास्थ्यकर्मियों से नोकझोंक की. मामला सड़क दुर्घटना में मरीज की मौत के बाद सीटी स्कैन जांच लिखने का है. वहीं, इस हंगामे के दौरान तीन घंटे तक अस्पताल में अफरातफरी मची रही.

पुलिस ने पहुंचकर कराया शांत

दरअसल सिधवलिया थाना क्षेत्र के सलेमपुर घाट में सड़क हादसे में हलुआर पिपरा निवासी हरेंद्र साह की पत्नी 45 वर्षीय मीना देवी घायल हो गयीं. परिजन इलाज के लिए सदर अस्पताल में लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने इलाज के दौरान उसे मृत घोषित कर दिया. महिला की मौत के बाद परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने की अपील की. पुलिस के इन्क्वेस्ट के बाद चिकित्सकों ने रात में पोस्टमार्टम कराने के लिए जिलाधिकारी का आदेश मांगा. परिजनों का आरोप था कि जिलाधिकारी का आदेश प्राप्त होने के बाद इमरजेंसी वार्ड के डॉक्टर ने मृत मरीज को सीटी स्कैन जांच कराने के लिए लिख दिया. दुर्घटना में मरे हुए मरीज का सीटी स्कैन कराने के लिए दबाव बनाये जाने पर परिजन नाराज हो गये और अस्पताल परिसर में हंगामा करने लगे. हंगामे की खबर पाकर नगर थाने की पुलिस के अलावा उपाधीक्षक डॉ शशि रंजन प्रसाद, अस्पताल प्रबंधक जान मोहम्मद समेत कई अधिकारी पहुंच गये. हंगामा कर रहे परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया गया, इसके बाद रात में ही पोस्टमार्टम कराया गया और परिजनों को शव सौंप दिया गया.

सिविल सर्जन ने मांगा स्पष्टीकरण

इमरजेंसी वार्ड में मरे हुए मरीज का सीटी स्कैन कराने का आरोप सामने आने और हंगामा किये जाने पर सिविल सर्जन डॉ बीरेंद्र प्रसाद ने गंभीरता से लिया. सिविल सर्जन ने इमरजेंसी वार्ड में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ दानिश और डॉ संतोष कुमार सिंह से स्पष्टीकरण मांगा है. साथ ही पूरे मामले की रिपोर्ट अस्पताल उपाधीक्षक से तलब की गयी है.

दुर्घटना में घायल का नहीं हुआ इलाज, जख्मी के भाई ने किया मरहम-पट्टी

सदर अस्पताल में सोमवार की रात करीब 11.30 बजे लापरवाही की एक और तस्वीर सामने आयी. सड़क दुर्घटना में घायल होकर पहुंचे मरीज का प्राथमिक उपचार करने के बाद उसके हाल पर छोड़ दिया गया. बाद में उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया. दरअसल, बरौली थाने के बरौली बाजार में दो बाइकों की टक्कर में बरौली का सुजीत कुमार सोनी जख्मी हो गया. घायल सुजीत को परिजन इलाज के लिए सदर अस्पताल में इमरजेंसी वार्ड में लेकर पहुंचे, जहां उसे कोई सुध लेने वाला नहीं था. जख्मी मरीज के भाई कुंदन सोनी ने अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल उठाया है. वहीं, सिविल सर्जन इस मामले की जांच कराने की बात कह रहे हैं.

ऑक्सीजन प्लांट भी बंद, सिलिंडर के सहारे सप्लाइ

सदर अस्पताल में पीएम केयर फंड से लगाये गये ऑक्सीजन जेनरेट प्लांट मार्च महीने से बंद पड़ा है. बताया जा रहा है कि तकनीकी ऑपरेटर का एग्रीमेंट खत्म होने के बाद उसे हटा दिया गया, जिससे प्लांट के संचालन में समस्या उत्पन्न हो गयी. नये ऑपरेटर की बहाली अब तक नहीं हो पायी है. इस कारण अस्पताल में ऑक्सीजन की पाइपलाइन से सप्लाइ बंद हो गयी है. वर्तमान में अस्पताल प्रशासन सिलेंडरों के जरिये मरीजों को ऑक्सीजन दे रहा है, इससे अस्पताल का बजट बढ़ रहा है और सिलिंडर बदलने की चिंता भी बनी हुई है. हालांकि, सिविल सर्जन डॉ वीरेंद्र प्रसाद का कहना है कि ऑक्सीजन सप्लाइ में कोई बाधा नहीं है और इस संबंध में अस्पताल प्रबंधन ने पीएसए प्लांट लगाने वाली एजेंसी को सूचना भेज दी है.

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Author: GURUDUTT NATH

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