gopalganj news : युवक हत्या के बाद बवाल, उग्र लोगों ने पुलिस की गाड़ी पर बरसाये ईंट-पत्थर

gopalganj news : रणक्षेत्र बना मोहनपुर, पुलिस ने जान पर खेलकर आरोपितों को भीड़ से निकालापुलिस को बुलाना पड़ा अतिरिक्त बल, स्थिति को नियंत्रित करने के लिए फायरिंग को हो गये थे तैयारशुक्रवार की रात खाना खाकर सोया था अनिल, आधी रात को फोन कर बुलाया गया

gopalganj news : कटेया/भोरे. शनिवार को मोहनपुर गांव रणक्षेत्र में तब्दील हो गया था. युवक की हत्या से भड़के ग्रामीण इतने उग्र थे कि वे कानून को हाथ में लेने पर उतारू हो गये. जैसे ही अनिल का शव मिला, भीड़ ने संदिग्ध आरोपितों के घर पर धावा बोल दिया.

युवती के घर को घेरकर भीड़ ने तोड़फोड़ शुरू कर दी. पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पिता और उसकी पुत्री को पहले ही सुरक्षित निकाल लिया था, लेकिन घर में मौजूद उसकी मां और भाई भीड़ के हत्थे चढ़ गये. उग्र भीड़ उन्हें जान से मारने की नीयत से पीटने लगी. मौके पर मौजूद हथुआ एसडीपीओ आनंद मोहन गुप्ता और अन्य पुलिस अधिकारियों ने ढाल बनकर उन्हें बचाया. जब पुलिस आरोपितों को लेकर एक घर में छिपा दिया, तो भीड़ ने उस घर को चारों तरफ से घेरकर पत्थरबाजी शुरू कर दी. ग्रामीणों का आक्रोश इतना बढ़ गया था कि वे दरवाजा तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश करने लगे. पुलिस की गाड़ी पर ईंट-पत्थर बरसाये.

स्थिति को हाथ से निकलता देख जिला मुख्यालय से अतिरिक्त बल मंगाया गया. भोरे, विजयीपुर, श्रीपुर, फुलवरिया और हथुआ थानों की पुलिस ने मोर्चा संभाला. भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा. एक समय स्थिति ऐसी बन गयी थी कि पुलिस को फायरिंग के लिए तैयार होना पड़ा, हालांकि अधिकारियों की सूझबूझ से बड़ी अनहोनी टल गयी. चार लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस कड़ाई से पूछताछ करने में जुटी है, जिसमें लड़की की मां व उसका भाई भी शामिल है. लोगों के आक्रोश व तनाव को देखते हुए मौके पर तैनात पुलिस अब इलाके में गश्त कर रही है.

चार घंटे तक मान मनौवल के बाद एक्शन में आयी पुलिस

मोहनपुर में युवक की हत्या के बाद उग्र लोगों को शांत कराने के लिए चार घंटे तक पुलिस को मान मनौवल करने के बाद भी लोग मानने को तैयार नहीं हो रहे थे. उसी दौरान पुलिस के एक जवान पर रोड़ा भीड़ ने फेंक दिया. उसके बाद पुलिस एक्शन में आ गयी. पर्याप्त पुलिस बल के पहुंचने के बाद कार्रवाई शुरू हो गयी. पुलिस की कार्रवाई के बाद भीड़ भाग निकली. लोगों को खदेड़ने के बाद पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया को पूरा किया. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा.

घर में हत्या कर शव को खेत में फेंकने पर भड़के थे लोग

युवक की हत्या लड़की के घर में करने के बाद उसके शव को खेत में ले जाकर फेंके जाने की बात कह कर लोग उग्र थे. लड़की के घर के आसपास के घरों की छतों पर चढ़कर रोड़ेबाजी भी की गयी. स्थिति बेकाबू होते देख पुलिस को अपना धैर्य तोड़ना पड़ा.

एफएसएल की टीम ने जुटाये साक्ष्य

बाद में फोरेंसिक टीम वहां पहुंची और जांच शुरू हुई. एफएसएल की टीम ने मौके से महत्वपूर्ण साक्ष्यों को जुटाया. वैज्ञानिक तरीके से कांड की जांच शुरू हो गयी. ग्रामीणों के अनुसार, अनिल मिलनसार स्वभाव का था. उसकी हत्या ने गांव के युवाओं के बीच व्यवस्था के प्रति रोष पैदा कर दिया है. फिलहाल पूरा परिवार अपने घर के चिराग को खोने के बाद इंसाफ की राह देख रहा है.

युवक के मोबाइल से खुलेगा हत्या का राज

मृतक के मोबाइल को पुलिस ने जब्त कर लिया है. युवक के मोबाइल में कई अहम सुराग हैं. पुलिस की जांच में मोबाइल से ही घटना की राज खुलेगा. पुलिस जांच में जुटी है कि अंतिम कॉल किसका है. किसके कहने पर घर वालों से छुप कर अनिल घर से बाहर निकल कर लड़की के घर पर पहुंच गया. जांच से अहम राज का खुलासा होगा. पुलिस बारीकी से जांच कर रही है. कटेया के थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर ओम प्रकाश चौहान ने तकनीकी रूप से कांड की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई में जुटे हैं.

लड़का ही क्यों दोषी, अनिल की मां के सवालों ने सबको झकझोरा

मोहनपुर गांव में शनिवार को सन्नाटा पसरा था, लेकिन मृतक अनिल कुशवाहा के घर से उठ रही चीखों ने हर किसी की आंखें नम कर दीं. अनिल दो भाइयों में छोटा था और घर की जिम्मेदारियों को बखूबी निभाता था. उसके पिता मुंबई और बड़ा भाई खाड़ी देश में रहकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं. अनिल की मां और बहनों का स्पष्ट कहना है कि यह एक सोची-समझी साजिश है. परिजनों के अनुसार, शुक्रवार की रात अनिल खाना खाकर सोया था, लेकिन आधी रात को उसे फोन कर या किसी बहाने से बुलाया गया. सुबह उसकी लाश प्रेमिका के घर के पास ही खेत में मिली. परिजनों का कहना है कि अनिल के शरीर पर बाहरी चोट के निशान नहीं दिखना इस बात का संकेत है कि गला घोंटा गया है, जिसकी पुष्टि वैज्ञानिक जांच से ही हो सकती है.

अधूरे सवालों के बीच इंसाफ की उम्मीद

मृतक की मां ने समाज और पुलिस प्रशासन से पूछा कि प्रेम प्रसंग के मामलों में हमेशा पुरुष को ही बलि का बकरा क्यों बनाया जाता है? उन्होंने कहा कि अगर प्रेम संबंध था, तो वह दोनों तरफ से था. फिर सजा सिर्फ मेरे बेटे को ही क्यों मिली? यदि लड़की उसे नहीं बुलाती, तो वह घर से बाहर नहीं निकलता. परिजनों ने स्पष्ट कर दिया कि जब तक वरीय अधिकारी ठोस आश्वासन नहीं देते और एफएसएल की टीम मौके से नमूने नहीं लेती, वे अंतिम संस्कार की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ायेंगे.

कानून को हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जायेगा : एसडीओ

एसडीओ अभिषेक कुमार चंदन ने बताया कि कानून को हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जायेगा. हत्या के मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एफएसएल की टीम को बुलाया गया है. फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन एहतियातन गांव में पुलिस गश्त बढ़ा दी गयी है. हिरासत में लिये गये चार लोगों से सघन पूछताछ की जा रही है, ताकि हत्याकांड की कड़ियां जोड़ी जा सकें.

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Published by: Shailesh kumar

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