gopalganj news : सदर अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था बदहाल, मरीज बाहर जाने को मजबूर

gopalganj news : गरीब मरीजों को बाहर जाकर 13 सौ रुपये तक खर्च करने की बनी है मजबूरीसरकार से होने वाली जांच नहीं होने से लोगों में आक्रोश, अस्पताल प्रशासन झाड़ रहा पाला

gopalganj news : गोपालगंज. सदर अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा नियमित रूप से उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. अस्पताल में प्रतिदिन सैकड़ों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं, लेकिन अल्ट्रासाउंड जैसी आवश्यक जांच समय पर नहीं हो पाने से उन्हें निजी जांच केंद्रों का सहारा लेना पड़ रहा है.

अस्पताल में महिला मरीजों का अल्ट्रासाउंड सप्ताह में केवल चार दिन ही किया जाता है, जबकि शेष दिनों में उन्हें वापस लौटना पड़ता है या बाहर निजी केंद्रों में महंगी जांच करानी पड़ती है. इससे खासकर गर्भवती महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी हो रही है. इमरजेंसी वार्ड में भर्ती पुरुष मरीजों का भी अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहा है, जिससे गंभीर मरीजों के इलाज में देरी हो रही है. ग्रामीण इलाकों से आने वाले मरीजों को आर्थिक और मानसिक दोनों तरह की परेशानी झेलनी पड़ रही है. गरीब मरीजों के लिए बाहर जाकर 800 से 1300 रुपये तक खर्च कर अल्ट्रासाउंड कराना मुश्किल हो जाता है. कई मरीजों ने बताया कि डॉक्टर जांच लिख देते हैं, लेकिन अस्पताल में सुविधा नहीं होने के कारण बाहर जाने की मजबूरी रहती है. मरीजों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि सदर अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था प्रतिदिन की जाये, ताकि गरीब और जरूरतमंद मरीजों को राहत मिल सके.

महिला मरीजों का आरोप

थावे थाना क्षेत्र की सीमा देवी ने बताया कि गांव से जांच कराने आयी थी, लेकिन बताया गया कि आज महिला मरीजों का अल्ट्रासाउंड नहीं होगा. बार-बार अस्पताल आना मुश्किल है. बाहर जांच कराने में बहुत पैसा लग जाता है. सरकार को सदर अस्पताल में रोज अल्ट्रासाउंड की सुविधा देनी चाहिए. जादोपुर थाने के हरिहरपुर गांव की सुनीता कुमारी का कहना है कि डॉक्टर ने तुरंत अल्ट्रासाउंड लिख दिया, लेकिन अस्पताल में मशीन बंद बतायी गयी. मजबूरी में प्राइवेट सेंटर जाना पड़ा. गरीब मरीजों के लिए यह बहुत बड़ी परेशानी है. सप्ताह में सिर्फ चार दिन जांच होना गलत है. कुचायकोट थाने के भटवा गांव की रीना देवी का कहना है कि हम लोग दूर-दराज के गांव से आते हैं. अल्ट्रासाउंड नहीं होने पर पूरा दिन खराब हो जाता है. बाहर जांच कराने के पैसे भी नहीं होते. सदर अस्पताल में ऐसी सुविधा हमेशा चालू रहनी चाहिए.

टेक्नीशियन के अभाव में दिक्कत : प्रबंधक

सदर अस्पताल के प्रबंधक जान मोहम्मद ने बताया कि टेक्नीशियन की कमी से प्रतिदिन अल्ट्रासाउंड नहीं की जाती है, टेक्नीशियन की बहाली के बाद मरीजों को अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था उपलब्ध हो जायेगी.

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By SHAILESH KUMAR

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